कहते हैं कि ईमानदारी अभी जिंदा है। इसकी मिसाल यहां देखने को मिली। मेन मार्केट में बीच चौराहे पर पड़ी मिली दस हजार रुपये की गड्डी एक किशोर ने उसके मालिक को वापस कर ईमानदारी की मिसाल पेश की है।
हुआ यूं कि एक किराना स्टोर के स्वामी उपनेश कुमार साहनी सोनू सुबह करीब दस बजे पूर्व व्यापार मंडल महामंत्री करनवीर वालिया से अपना साठ हजार रुपये का पेमेंट बिना गिने हुए लेकर अपनी दुकान पर लौट रहे थे। इसी बीच पलिया बस स्टैंड सदर चौराहे पर सौ रुपये के नोटों की एक गड्डी उनकी पैंट की जेब से निकलकर गिर गई। उसी समय एक रेडीमेड पर काम करने वाला महताब उधर से गुजरा, तो उसने वह गड्डी उठा ली और वापस आकर अपने दुकान स्वामी नसीर कल्लू को वह गड्डी दे दी।
कुछ देर बाद सोनू ने जब रकम गिनी, तो उसमें दस हजार रुपये कम पाकर उनके होश उड़ गए। वह फौरन वालिया के पास गए, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने पूरी रकम दी थी। इसके बाद दोनों लोग बाजार में दुकानदारों से पूछते हुए आ रहे थे, तो पता चला कि गड्डी महताब को मिली है। तब सोनू के पहुंचने पर महताब ने फौरन वह दस हजार रुपये की गड्डी अपने मालिक से लेकर सोनू को वापस कर दी।