लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में सोमवार को मरीजों और दिव्यांगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक ओर अवकाश के बाद खुली ओपीडी में पर्चा बनवाने से लेकर जांच और दवा लेने तक लंबी कतारें लगी रहीं, वहीं दिव्यांग परीक्षण शिविर में पहुंचे लोगों को बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने और तपती फर्श पर चलने की मजबूरी झेलनी पड़ी।
सोमवार को जिला अस्पताल में आयोजित दिव्यांग परीक्षण शिविर में 68 दिव्यांग पहुंचे। शिविर में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. एके द्विवेदी समेत अन्य चिकित्सकों ने परीक्षण किया। हालांकि दिव्यांगों ने बताया कि अस्पताल परिसर से शिविर तक टीन शेड न होने से उन्हें भीषण गर्मी में परेशानी उठानी पड़ती है। हाथों के सहारे चलने वाले दिव्यांगों को गर्म फर्श पर चलना पड़ता है। वहीं शिविर में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से कई लोगों को फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
उधर, अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह आठ बजे से ही पर्चा काउंटर पर लंबी लाइन लग गई। भीड़ के बीच लोगों को पर्चा बनवाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
जिला अस्पताल में सोमवार को 917 मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई। सबसे अधिक भीड़ मानसिक रोग, फिजिशियन, त्वचा रोग और ईएनटी विभाग में रही। पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और दवा वितरण कक्ष के बाहर भी मरीजों को लंबी कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
अस्पताल के हॉल से शिविर तक टीन शेड होना चाहिए। भीषण गर्मी में हाथों के सहारे आने वाले दिव्यांगों को गर्म फर्श पर चलने में काफी परेशानी होती है। बारिश में भी यही समस्या रहती है।
-फेरूलाल, कलुआकोट
सुबह ही शिविर में परीक्षण कराने आ गए थे। शिविर में दिव्यांगों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी में लोगों को फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
-आदर्श, मूसेपुर
जिला अस्पताल में शिविर के बाहर इंतजार करते दिव्यांग। संवाद
जिला अस्पताल में शिविर के बाहर इंतजार करते दिव्यांग। संवाद