लखीमपुर खीरी। वैश्य समाज उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष प्रकाश गुप्ता और महामंत्री राजकुमार गुप्ता की अगुवाई में व्यापारियों का एक प्रतिनिधि मंडल शनिवार को डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह से मिला और पलिया के व्यापारियों का उत्पीड़न रोके जाने की मांग उठाई। ज्ञापन के माध्यम से वैश्य समाज ने कहा है कि त्रिकोलिया निवासी पूर्व विधायक निर्वेंद्र मिश्रा की छह सितंबर 2020 को हृदय गति की बीमारी के कारण मौत हुई थी, जिसमें साजिशन पलिया के निर्दोष व्यापारियों को फंसाया जा रहा है।
पलिया के त्रिकोलिया निवासी पूर्व विधायक निर्वेंद्र मिश्रा उर्फ मुन्ना की मौत के मामले में उनके पुत्र संजीव मिश्रा ने पलिया निवासी व्यापारी राधेश्याम गुप्ता, किशन गुप्ता, रिकल गुप्ता, अनुराग गुप्ता, समीर गुप्ता के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पूर्व विधायक पक्ष के लोग काफी दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे पुलिस पर दबाव बढ़ रहा था। वैश्य समाज ने भी शनिवार को मोर्चा खोलते हुए पूर्व विधायक की मौत के मामले में फंसाए जा रहे व्यापारियों के समर्थन में आवाज बुलंद कर दी है। वैश्य समाज के जिलाध्यक्ष प्रकाश गुप्ता ने डीएम को दिए ज्ञापन में कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण हृदय गति का रुकना बताया गया है, लेकिन साजिशन पूर्व विधायक की मौत को हत्या बताकर पलिया के व्यापारियों को निशाना बनाकर फंसाया जा रहा है। जबकि एक आरोपी किशन गुप्ता घटना के समय शारदा होटल पलिया में मौजूद थे, जिसके साक्ष्य के रूप में सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई है। अन्य आरोपियों के खिलाफ भी अब तक कोई आपराधिक मामला कहीं भी दर्ज नहीं है, लेकिन उनके सामाजिक जीवन को कलंकित करने के लिए फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिलाध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि वादी संजीव मिश्रा के खिलाफ कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं, लेकिन राजनीतिक रसूख और बाहुबल के कारण पुलिस-प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई करने से कतराता है। प्रतिनिधि मंडल में आए व्यापारियों ने कहा कि यदि पलिया के व्यापारियों का उत्पीड़न न रोका गया, तो विवश होकर व्यापारी समुदाय सड़कों पर उतरेगा। प्रतिनिधि मंडल में मंडल अध्यक्ष संदीप गुप्ता, दुर्गेश गुप्ता, सुशील गुप्ता, उमंग गुप्ता, विक्रम गुप्ता मौजूद रहे।
पूर्व विधायक मुन्ना के आवास पर दसवें दिन भी जारी है भूख हड़ताल
महंगापुर। जमीनी विवाद में पूर्व विधायक निर्वेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना की मौत के बाद उनके पुत्र द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया था। जिसके बाद ग्रामीणों ने भूख हड़ताल शुरू कर तदी थी। भूख हड़ताल के दसवें दिन लोग डटे रहे। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक पूर्व विधायक को न्याय नहीं मिलेगा तब तक शरीर की कोई परवाह किए बगैर हम लोग हड़ताल पर डटे रहेंगें।
बता दें कि रविवार छह सितंबर को निघासन से तीन बार विधायक रह चुके निर्वेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना की जमीनी विवाद में मौत हो गई थी। इस मामले में शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और सीओ पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर भूख हड़ताल के दसवें दिन एडवोकेट कमल पांडेय, शुभम शुक्ला, रवि कुमार यादव, मुकेश कुमार मिश्रा, मोहम्मद जमील, मोहम्मद रफीक, बृजेश दीक्षित, अभिषेक पांडेय, नौशाद अली समेत कवि कमल पांडेय बैठे।
उधर, शुक्रवार देर शाम पूर्व विधायक के दोषियों पर कार्रवाई न होने से सैकड़ों की संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च दुधवा तिराहे से शुरू होकर चौकी तिराहे तक गया यहां पूर्व विधायक को श्रद्धांजलि दी गई। इसके अलावा पलिया, त्रिकोलिया, निघासन, मोहम्मदी, सीतापुर, लखीमपुर व लखनऊ समेत कई जगहों पर एक साथ कैंडल मार्च पूर्व विधायक को न्याय दिलाने के लिए निकाला गया।