लखीमपुर खीरी। मेडिकल कॉलेज में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी के मामले में 18 दिन बाद भी आरोपी चालक पुलिस की पकड़ से दूर है। नोटिस तामील होने के बावजूद वह पूछताछ के लिए थाने नहीं पहुंचा। इस बीच डीएम अंजनी कुमार सिंह की गठित संयुक्त टीम मामले की जांच कर रही है।
करीब 18 दिन पहले पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में सुरजीत वर्मा, रामजीवन, सुरेश कुमार, सर्वेश वर्मा, जितेंद्र और रामखिलावन ने आरोप लगाया था कि मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य से मुलाकात के बाद उन्हें नौकरी दिलाने के लिए उनके चालक संदीप से मिलने के लिए कहा गया।
आरोप है कि सभी ने प्राचार्य की मौजूदगी में चालक को अपने दस्तावेज और तय रकम सौंपी थी। शिकायत के अनुसार, सुरजीत ने 70 हजार, रामजीवन ने 1.10 लाख, सुरेश कुमार ने 98 हजार, सर्वेश ने 30 हजार, जितेंद्र ने 2.80 लाख और रामखिलावन ने 50 हजार रुपये दिए। नौकरी नहीं मिलने पर रुपये वापस मांगने पर चालक टालमटोल करता रहा।
उधर, मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने भी छह जुलाई को चालक संदीप के खिलाफ तहरीर देकर पूरे मामले की जिम्मेदारी उसी पर बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। तहरीर और शिकायत के बावजूद 18 दिन बाद भी चालक का पुलिस के सामने पेश न होना जांच और कार्रवाई की गति पर सवाल खड़े कर रहा है।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसडीएम सदर और एएसपी पूर्वी को शामिल करते हुए संयुक्त कमेटी गठित की गई है। एसडीएम संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
एएसपी पूर्वी पवन गौतम ने बताया कि चालक संदीप को नोटिस देकर थाने पर हाजिर होने के लिए कहा गया है। यदि वह जल्द उपस्थित नहीं होता है तो पुलिस उसे लाकर पूछताछ करेगी।