शहर में एक तरफ जहां अधिकतर वोटरों ने लापरवाही दिखाते हुए घर से निकलना तक जरूरी नहीं समझा। वहीं दूसरी तरफ कई मतदाता ऐसे भी रहे जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी लोकतंत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाई और दूसरों के लिए नजीर पेश की। दोनों पैरों से विकलांग सिविल लाइन निवासी आमना खातून हो या फिर चलने फिरने में असमर्थ संकटा देवी निवासी भगवती प्रसाद सोनी, मैलानी निवासी दिलीप और सिविल लाइन निवासी 90 वर्षीय सुंदरी हों। लोकतंत्र के प्रति अपना दायित्व निभाने के लिए कोई ट्राई साइकिल से तो कोई व्हील चेयर से वोट डालने के लिए पहुंच ही गया। वहीं 90 वर्षीय सुंदरी भी रिक्शे से सदर विद्यालय बूथ पर अपने मत का प्रयोग करने पहुंची।