किसानों के लिए गन्ने की उपज कोल्हुओं पर बेचना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। वहीं किसानों को धान की उपज का भी उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इसे किसानों के लिए त्रासदी ही कहेंगे कि लंबे-चौड़े दावे करने वाला शासन-प्रशासन चुप्पी साधे है।
जिले में किसानों से सीधे धान खरीद के लिए 110 क्रय केंद्र खोले जाने का दावा अधिकारी कर रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। ग्रामीण स्थानों पर क्रय केंद्र शुरू नहीं हो सके हैं, बल्कि किसानों को मुंह चिढ़ाने के लिए घरों के बाहर बैनर टांग दिए गए हैं। वहीं जो केंद्र खुले हैैं, उन पर आम किसानों के लिए धान बेचना नामुमकिन है। सिर्फ विधायक या नेताओं की सिफारिश रखने वाले बड़े किसान ही क्रय केंद्र पर धान बिक्री कर पा रहे हैैं। आम किसान मंडी में आढ़तियों के फड़ों पर औने-पौने दामों पर धान बेचने को मजबूर हैं।
खरीफ विपणन वर्ष 2014-15 में मूल्य समर्थन योजना के तहत जिले में 110 क्रय केंद्रों के माध्यम से शासन ने एक लाख 39 हजार 640 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें नौ क्रय एजेंसियों को उनके क्रय केंद्रों के मुताबिक खरीद का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष एजेंसियों ने 44527 मीट्रिक टन धान खरीद की है, जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
इसमें 22512 मीट्रिक टन खरीद आढ़तियों द्वारा की गई है। जबकि शेष खरीद नौ एजेंसियों ने की है। धान खरीद में फर्जी किसानों के नाम पर बिचौलियों से खरीद की संभावना ज्यादा बनी हुई है, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में क्रय केंद्र संचालित नहीं हो रहे हैं। ऐसे में कागजों पर गढ़े जा रहे आंकड़े शक के दायरे में हैं।
गड़बड़ी का सहज अंदाजा इस बात से लगाया जा रहा है कि 17 नवंबर 2015 तक एजेंसियों ने 2141 किसानों से 22015 मीट्रिक टन धान खरीदा है, जबकि आढ़तियों ने 1897 किसानों से 22512 मीट्रिक टन धान खरीदा है। कुल 4038 किसानों से 44 हजार 527 मीट्रिक टन धान खरीद हुई, जो औसतन प्रति किसान 11 मीट्रिक टन से अधिक है। भुगतान के मामले में पीसीएफ पर आठ करोड़ 27 लाख और एफसीआई पर दो करोड़ 24 लाख रुपये किसानों का बकाया है। प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी अर्जुन प्रसाद पाठक के अनुसार क्रय
केंद्रों पर धान खरीद में तेजी आई हैै। ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय
केंद्रों के बंद होने की सूचना मिली है, जिसकी जांच कर उचित कार्रवाई के
लिए उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाएगा। फर्जी किसानों के संबंध में
शिकायत मिलती है, तो जांच कराई जाएगी।
एजेंसीवार धान खरीद लक्ष्य
विपणन शाखा को चार क्रय केंद्रों के माध्यम से 25 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला हैै। इसी तरह पीसीएफ को 60 क्रय केंद्रों से 38640 एमटी, यूपीएसएस को 18 केंद्रों से 16 हजार, एनसीसीएफ को छह केेंद्रों से 12 हजार, एसएफसी को पांच केंद्रों से पांच हजार, कर्मचारी कल्याण निगम को चार केंद्रों से पांच हजार, यूपी स्टेट एग्रो को तीन केंद्रों से तीन हजार, नैकाफ को पांच केंद्रों से 20 हजार एमटी और एफसीआई को पांच केंद्रों से 15 हजार एमटी धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है।