ईसानगर। क्षेत्र में घाघरा नदी का कहर जारी है। डुंडकी गांव में अब तक नौ घर घाघरा नदी में समा चुके हैं। गांव के लोग अपने आशियाने खुद उजाड़ने को मजबूर है।
डुंडकी गांव के लोग करीब 15 वर्ष पूर्व घाघरा नदी के कटान का शिकार हुए थे। पीड़ित परिवारों ने घाघरा नदी के पार टापू में घर बना लिए थे। पचास घरों से आबाद इस गांव की ओर शनिवार को घाघरा नदी की नजर टेढ़ी हो गई। देखते ही देखते नौ घर नदी में समा गए। नदी में घर कटने से गांव के लक्ष्मी, किरन, फूलमती, संतराम, ब्रजेश, रामू, तीरथ, संजय और वंदना बेघर हो गए। प्रशासन को कटान की सूचना मिली तो तहसीलदार आदित्य विशाल हल्का लेखपाल के साथ मोटर बोट से नदी पार मौके पर पहुंचे। गांव के लोगों के साथ बैठक कर कटान रोकने और पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
मौके का निरीक्षण कर टीम गठित की गई है। बीडीओ ईसानगर, नायाब तहसीलदार फिरोजाबाद, राजस्व निरीक्षक और हल्का लेखपाल को टीम में रखा गया है। पीड़ित व्यक्तियों को सहायता प्रदान की जाएगी। - आदित्य विशाल, तहसीलदार धौरहरा
नया पिंड गांव का वजूद मिटा रही मोहाना, अबतक 28 घर नदी में समाए
तिकुनिया। मोहाना नदी नया पिंड गांव का धीरे-धीरे वजूद मिटा रही है। अब तक नदी में 28 घर समा चुके हैं। सिंचाई विभाग ने बचाव कार्य शुरू किया है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों ने बताया कि यही कार्य बीते मई-जून में हो गया होता तो नया गांव को कटान से बचाया जा सकता था।
नेपाल में रविवार की रात हुई तेज बारिश से जलस्तर फिर बढ़ गया है। मोहाना नदी में अबतक 28 घर समा चुके हैं। गांव के लोग रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जिनके घर नदी में समा चुके हैं, उनको अबतक मुआवजा नहीं दिया गया है। मुआवजा मिल जाता तो रहने का नया ठिकाना बनाया जाता। बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाता। किसानों ने प्रशासन से जल्दी से जल्दी मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। संवाद
सिंचाई विभाग ने शुरू किया बचाव कार्य
मोहाना नदी के कटान को देख सिंचाई विभाग की ओर से शनिवार को बचाव कार्य शुरू कराया गया है। बालू की बोरियां भरकर ठोकरें बनाने का अस्थायी कार्य शुरू करा दिया गया है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता मुसाफिर ने बताया कि परियोजना बड़ी है। अधिकारियों का जो निर्देश प्राप्त हुआ है। उसके आधार पर कटान रोकने की ठोकरें बनाई जा रही हैं।
एक हफ्ते में किसानों की 160 एकड़ भूमि शारदा में समाई
- किसानों ने प्रशासन पर लगाया अनदेखी करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
धौरहरा। गांव टहारा और सोहरिया ग्राम पंचायत में शारदा नदी किसानों की जमीनें निगल रही है। बीते एक सप्ताह में 120 किसानों की करीब 160 एकड़ फसलों सहित जमीन नदी में समा चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन अनदेखी कर रहा है।
टहारा और सोहरिया ग्राम पंचायत के भूलनपुर, नकहिया, लौखनियां, जटपुरवा, सोहरिया और टहारा के करीब 120 किसानों की गन्ना और धान की फसलों सहित जमीनें शारदा नदी में समा चुकी हैं। नदी लगातार अब भी कटान कर रही है। प्रशासन ने अब तक इन गांवों की सुध नहीं ली है।
बीते एक सप्ताह में टहारा और सोहरिया ग्राम पंचायत के लौखनियां जटपुरवा गांव निवासी संजय वर्मा, विनोद वर्मा, अखिलेश वर्मा, जोखे लाल, नरायन, छत्रपाल, श्रीराम, रामचंद्र, पूरन, प्रमोद, बुद्धा, अवधराम, बाबू, राजू, अय्यूब, धर्मराज, नीरज, गजराज और बनवारीलाल सहित करीब 120 किसानों की धान गन्ना लगी फसलों सहित 160 एकड़ जमीन नदी में समा चुकी है।
शारदा नदी अभी जमीनों का कटान कर रही है। कटान बंद होने पर पूरा सर्वे कराया जाएगा। तभी इन किसानों को सरकारी सहायता मिलेगी। - राजेश कुमार एसडीएम धौरहरा
कटान प्रभावित गांव में ग्रामीणों से मिलते तहसीलदार। संवाद
कटान प्रभावित गांव में ग्रामीणों से मिलते तहसीलदार। संवाद