लखीमपुर खीरी। छह साल की मासूम से दुष्कर्म के मामले में सात साल बाद भी फैसला नहीं आ सका है। सोमवार को पॉक्सो कोर्ट में सिंगाही थाना क्षेत्र में हुए दुष्कर्म के मामले की फाइल पेश हुई तो तत्कालीन इंस्पेक्टर रामकुमार यादव की हीलाहवाली सामने आई। उनकी गवाही के बिना फाइल का फैसला नहीं हो पा रहा है।
विशेष लोक अभियोजक बृजेश पांडे ने बताया कि सरकार बनाम श्यामू की फाइल में इंस्पेक्टर रामकुमार यादव को कई बार अवगत कराया जा चुका है फिर भी वह गवाही देने नहीं आ रहे हैं। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए एडीजे राहुल सिंह ने इंस्पेक्टर रामकुमार यादव की गिरफ्तारी के आदेश देते हुए एनबीडब्ल्यू व 350 सीआरपीसी की नोटिस जारी किया है। साथ ही पुलिस अधीक्षक हमीरपुर को पत्र लिखते हुए न्यायिक अवज्ञा के मामले में इंस्पेक्टर रामकुमार यादव पर नोटिस तामील कराने को कहा है और अगली सुनवाई के लिए 11 सितंबर की तारीख मुकर्रर की है।