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ईपीएफ घोटाला: महज चार महीनों का भुगतान... अब फिर वही सुस्ती

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लखीमपुर खीरी। नगर पालिका में आउटसोर्सिंग से रखे गये सैकड़ों कर्मचारियों का दर्द कम होेने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ महीने पहले अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद सुस्ती से जागे नगर पालिका के अधिकारियों ने संबंधित फर्म और ठेकेदारों पर दबाव बनाकर चार महीनों का भुगतान तो करवा दिया, लेकिन अधिकारियों ने मामले को एक बार फिर से ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
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बता दें कि ठेके और संविदा पर रखे गए कर्मचारियों के मानदेय से हर महीने ईपीएफ की राशि काटी जाती है। साल 2018 से लेकर 2020 तक लखनऊ की साधना सिक्योरिटी फर्म के पास इसका ठेका था। कंपनी ने कर्मचारियों के मानदेय से धनराशि तो काटी, लेकिन जमा नहीं की थी। कंपनी पर लगभग 48 लाख रुपयों का भुगतान बाकी हो गया।
इधर, तत्कालीन ईओ ने फर्म का टेंडर कैंसिल करते हुए ठेका दूसरी फर्म को दिया था। अवनि ग्रुप ने सभी कर्मचारियों का ईपीएफ भुगतान कर्मचारियों के खातों में किया। सब कुछ सही चल रहा था कि महज तीन महीनों के अंदर ही ठेका आर्यन ग्रुप को दे दिया गया। इस कंपनी ने 2023 तक कार्य किया। आर्यन ग्रुप ने भी कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाला और ईपीएफ की रकम खातोें में जमा नहीं की।
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लगातार कई महीनों का ईपीएफ भुगतान यूएनए खातों में जमा न होते देख कर्मचारियों ने विरोध शुरू किया। मामले में अमर उजाला से खबर प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने फर्माें के मालिकानों से बात की और तत्काल बकाया जमा करने की बात कही थी। साथ ही भुगतान न जमा करने को लेकर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी थी।
इसके बाद हरकत में आए आर्यन ग्रुप ने बकाया भुगतान से चार महीने का भुगतान (साल 2022 के सितंबर-दिसंबर) किया। लेकिन, इसके बाद अधिकारियों ने एक बार फिर से सुस्ती अख्तियार कर ली है। इससे कर्मचारियों में खासी नाराजगी है।

आउटसोर्सिंग पर हैं करीब 500 कर्मचारी
नगर पालिका में आउटसोर्सिंग से करीब 500 कर्मचारियों को रखा गया है। इनमें 100 से ज्यादा ट्यूबवेल ऑपरेटर हैं। साथ ही सफाई कर्मचारियों के अलावा अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं। एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब जब ईपीएफ मामले में अधिकारियों से वार्ता करने का प्रयास किया जाता है तो नौकरी से निकालने की धमकी मिलती है, इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।
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पुरानी फर्मों से बकाया वसूली कराने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। चार महीनों का भुगतान हुआ था। जल्द ही और भुगतान कराया जाएगा।
डॉ. इरा श्रीवास्तव, नगर पालिका अध्यक्ष लखीमपुर
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