मनोरंजन कर विभाग ने कारोबारी संजीव अग्रवाल के नाम से तीन साल पहले 13 हजार रुपये की आरसी काट दी। कारोबारी को आरसी की जानकारी हुई तो उन्होंने मनोरंजन कर विभाग के अधिकारियों को पूरी बात बताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। तीन साल बाद भी मामले में कोई कार्रवाई न होने पर अब कारोबारी ने डीएम से गुहार लगाई है।
गोला गोकर्णनाथ के इलेक्ट्रानिक कारोबारी संजीव अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2012 में मनोरंजन कर विभाग ने उनके नाम से 13 हजार की आरसी काट दी थी। जब उन्होंने मनोरंजन कर कार्यालय से संपर्क किया तो पता चला कि वर्ष 2011-12 और 2012-13 डीटूएच मनोरंजन कर बकाया है, जबकि संजीव अग्रवाल के नाम से कोई फर्म ही नहीं है। संजीव का आरोप है कि मनोरंजन कर में तैनात एक लिपिक ने डीटूएच का काम करने वाली फर्म का नाम बताने को कहा। इस पर संजीव ने अनभिज्ञता जताते हुए गलत आरसी वापस कराने के लिए मनोरंजन कर अधिकारी को पत्र लिखा। कारोबारी का कहना है कि मनोरंजन कर के अधिकारी उन्हें टैक्स जमा करने के लिए नोटिस की बात कह रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई नोटिस मिली ही नहीं। तबसे लेकर आज तक कारोबारी गलत आरसी वापस कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई भी उनकी सुनने को तैयार नहीं है।
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नोटिस का जवाब न देने के कारण आरसी काटी
जिले के मनोरंजन कर विभाग के सहायक आयुक्त सुरेंद्र सिंह का कहना है कि संजीव अग्रवाल को पहले मनोरंजन कर जमा करने के लिए नोटिस भेजी गई थी, जिस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया तो आरसी काट दी गई।
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मनोरंजन कर विभाग द्वारा गलत आरसी काटने का मामला संज्ञान में नहीं है। फिलहाल वह मनोरंजन कर विभाग के अधिकारी से जानकारी कर रहे हैं। गलत आरसी काटी गई है तो उसे वापस कराया जाएगा।
-एसपी सिंह, एडीएम।