क्यों खास है दुधवा
दुधवा नेशनल पार्क स्वच्छंद विचरण करते वन्यजीवों के साथ ही अपनी जैव विविधता और पक्षियों की प्रजातियों के लिए सबसे ज्यादा सैलानियों को आकर्षित करता है। यहां 450 प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं। हिरनों की पांच प्रजातियां चीतल, सांभर, काकड़, पाढ़ा और बारहसिंघा के अलावा बाघ, तेंदुआ, भालू, सेही, बंगाल फ्लोकिरन भी यहां की शान हैं।
मगरमच्छ, घड़ियाल के साथ ही विभिन्न प्रजाति के सरीसृपों का दुधवा में बसेरा है। तितलियों के अतिरिक्त दुधवा पार्क के जंगल में कई अनदेखी प्रजातियां भी रहती हैं। वनस्पति की बात करें तो यहां साल, जामुन, खैर, बहेड़ा, असना समेत कई प्रकार के पेड़ हैं।
औषधीय वनस्पतियां भी यहां बड़ी संख्या में पाई जाती हैं। साल और साखू के पेड़ भी यहां की शान हैं और पारिस्थितिकी धरोहर माने जाते हैं। यहां प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही जैव विविधता का पूरा मिश्रण भ्रमण करने आने वाले सैलानियों को दिखाई देगा।
किशनपुर और दुधवा में इस बार भी हो सकते हैं बाघ के दीदार
पिछले कई पर्यटन सत्रों की तरह इस बार भी किशनपुर के अलावा दुधवा के जंगल में भी सैलानियों को बाघ के दीदार हो सकते हैं। सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में बाघ भी धूप लेने के लिए झाड़ियों व जंगल से निकलकर धूप लगने वाले स्थान पर आते हैं, तब सैलानी आसानी से इनका दीदार कर इनको अपने कैमरों में कैद कर सकते हैं।
14 थारू हट व डॉरमेट्री है रुकने की व्यवस्था
दुधवा नेशनल पार्क में आने वाले सैलानियों के लिए 14 थारूहट तथा डॉरमेट्री के साथ ही छह रूम का गेस्ट हाउस रुकने के लिए हैं। दुधवा खुलने के बाद यहां हट और डॉरमेट्री की बुकिंग हो जाने के बाद भी सैलानियों को मायूस नहीं होना पड़ेगा। ऐसा इसीलिए है कि दुधवा से मात्र दस किलोमीटर दूरी पर स्थित पलिया शहर में कई होटलों के साथ सैलानियों के रुकने के लिए रिजॉर्ट आदि की व्यवस्था है। दुधवा मार्ग पर ही कई रिजॉर्ट हैं, जिनमें सैलानी स्टे करके दुधवा की जंगल सफारी का मजा ले सकते हैं। इसके लिए होटल मालिकों ने भी कमरों को व्यवस्थित करने के साथ ही साफ-सफाई का कार्य कराया।
ऐसे पहुंचे दुधवा
लखनऊ से वाया सड़क मार्ग से सीतापुर, लखीमपुर, पलिया होते हुए दुधवा जाया जा सकता है। शाहजहांपुर से खुटार, मैलानी, पलिया होते हुए सैलानी दुधवा पार्क तक पहुंच सकते हैं। बरेली से दुधवा आने के लिए पहले खुटार और उसके बाद मैलानी होते हुए भी पलिया व दुधवा जाया जा सकता है। हवाई यात्रा की अगर बात करें तो यहां से सबसे नजदीक का एयरपोर्ट लखनऊ है, जो कि पार्क से 238 किलोमीटर की दूरी पर है। लखनऊ तक फ्लाइट से आकर वहां से निजी वाहनों से दुधवा पार्क पहुंचा जा सकता है।