फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुधवा में पर्यटन सत्र आज से: पहले दिन सैलानियों को तोहफा, पहली सफारी निशुल्क; उठाइए जंगल का लुत्फ

Sat, 01 Nov 2025 08:20 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

दुधवा नेशनल पार्क में शनिवार से पर्यटन सत्र शुरू हो रहा है। पहले दिन सैलानियों को पहली जंगल सफारी निशुल्क कराई जाएगी। इसको लेकर दुधवा प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। 
विज्ञापन
पलिया से दुधवा जाने वाला द्वार। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखीमपुर खीरी का दुधवा नेशनल पार्क सैलानियों के स्वागत के लिए तैयार है। इस बार 14 दिन पहले पर्यटन सत्र एक नवंबर से शुरू हो रहा है। शनिवार को प्रदेश के वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, स्थानीय विधायक रोमी साहनी व वन विभाग और दुधवा के उच्चाधिकारी पूजन के साथ इसका विधिवत शुभारंभ करेंगे। इसके बाद सैलानियों को पहली जंगल सफारी निशुल्क कराई जाएगी। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजमोहन व डीडी जगदीश आर ने शुक्रवार को बताया कि दुधवा में शुरुआती दिनों के लिए कई सैलानियों ने हट की बुकिंग एडवांस में करा ली है। अगले सात महीनों तक बुकिंग जारी रहेगी।

विज्ञापन


दुधवा नेशनल पार्क आने वाले सैलानियों के लिए इस साल भी फर्स्ट एड बॉक्स जिप्सी में रखने के निर्देश दिए गए हैं। गाइडों को सैलानियों को दुधवा से संबंधित कहानी सुनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसमें दुधवा में पाए जाने वाले सरीसृपों और वन्यजीवों के बारे में बताया जाएगा। इस पर्यटन सत्र में प्लास्टिक और पॉलीथिन का प्रयोग वर्जित करने की बात दुधवा प्रशासन ने कही है। ऐसे में चेकिंग के बाद ही सैलानियों को जंगल के अंदर प्रवेश देने की तैयारी कर ली गई है।

दुधवा नेशनल पार्क में 25 राजकीय हाथी हैं। इनमें से केवल चार-पांच हाथियों को ही पार्क प्रशासन ने केवल सैलानियों को भ्रमण कराने के लिए रखा है। बाकी हाथियों को गश्त व पेट्रोलिंग के साथ ही चारा लाने व अन्य कामों में इस्तेमाल किया जाता है। उद्घाटन के दौरान इनमें से कुछ हाथियों को तैयार कर पर्यटन परिसर में खड़ा भी किया जाएगा। इस बार भी सज-धजकर कुछ राजकीय हाथी सैलानियों का इस्तकबाल करेंगे।
विज्ञापन

 

 

Trending Videos

क्यों खास है दुधवा 
दुधवा नेशनल पार्क स्वच्छंद विचरण करते वन्यजीवों के साथ ही अपनी जैव विविधता और पक्षियों की प्रजातियों के लिए सबसे ज्यादा सैलानियों को आकर्षित करता है। यहां 450 प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं। हिरनों की पांच प्रजातियां चीतल, सांभर, काकड़, पाढ़ा और बारहसिंघा के अलावा बाघ, तेंदुआ, भालू, सेही, बंगाल फ्लोकिरन भी यहां की शान हैं।

मगरमच्छ, घड़ियाल के साथ ही विभिन्न प्रजाति के सरीसृपों का दुधवा में बसेरा है। तितलियों के अतिरिक्त दुधवा पार्क के जंगल में कई अनदेखी प्रजातियां भी रहती हैं। वनस्पति की बात करें तो यहां साल, जामुन, खैर, बहेड़ा, असना समेत कई प्रकार के पेड़ हैं।

औषधीय वनस्पतियां भी यहां बड़ी संख्या में पाई जाती हैं। साल और साखू के पेड़ भी यहां की शान हैं और पारिस्थितिकी धरोहर माने जाते हैं। यहां प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही जैव विविधता का पूरा मिश्रण भ्रमण करने आने वाले सैलानियों को दिखाई देगा।

किशनपुर और दुधवा में इस बार भी हो सकते हैं बाघ के दीदार
पिछले कई पर्यटन सत्रों की तरह इस बार भी किशनपुर के अलावा दुधवा के जंगल में भी सैलानियों को बाघ के दीदार हो सकते हैं। सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में बाघ भी धूप लेने के लिए झाड़ियों व जंगल से निकलकर धूप लगने वाले स्थान पर आते हैं, तब सैलानी आसानी से इनका दीदार कर इनको अपने कैमरों में कैद कर सकते हैं।

14 थारू हट व डॉरमेट्री है रुकने की व्यवस्था
दुधवा नेशनल पार्क में आने वाले सैलानियों के लिए 14 थारूहट तथा डॉरमेट्री के साथ ही छह रूम का गेस्ट हाउस रुकने के लिए हैं। दुधवा खुलने के बाद यहां हट और डॉरमेट्री की बुकिंग हो जाने के बाद भी सैलानियों को मायूस नहीं होना पड़ेगा। ऐसा इसीलिए है कि दुधवा से मात्र दस किलोमीटर दूरी पर स्थित पलिया शहर में कई होटलों के साथ सैलानियों के रुकने के लिए रिजॉर्ट आदि की व्यवस्था है। दुधवा मार्ग पर ही कई रिजॉर्ट हैं, जिनमें सैलानी स्टे करके दुधवा की जंगल सफारी का मजा ले सकते हैं। इसके लिए होटल मालिकों ने भी कमरों को व्यवस्थित करने के साथ ही साफ-सफाई का कार्य कराया।
 
विज्ञापन

ऐसे पहुंचे दुधवा
लखनऊ से वाया सड़क मार्ग से सीतापुर, लखीमपुर, पलिया होते हुए दुधवा जाया जा सकता है। शाहजहांपुर से खुटार, मैलानी, पलिया होते हुए सैलानी दुधवा पार्क तक पहुंच सकते हैं। बरेली से दुधवा आने के लिए पहले खुटार और उसके बाद मैलानी होते हुए भी पलिया व दुधवा जाया जा सकता है। हवाई यात्रा की अगर बात करें तो यहां से सबसे नजदीक का एयरपोर्ट लखनऊ है, जो कि पार्क से 238 किलोमीटर की दूरी पर है। लखनऊ तक फ्लाइट से आकर वहां से निजी वाहनों से दुधवा पार्क पहुंचा जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें