नगर पालिका बारिश से पहले भले ही शहर के सभी बड़े नालों की सफाई कर लेने का दावा कर रही हो, लेकिन भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिक्रमण के कारण अधिकतर नालों की पहचान मिट गई है। नालों के ऊपर दुकानों का निर्माण कर कब्जा करने से 10 से 12 बड़े नाले लगभग पूरी तरह ब्लाक हो गए हैं। इससे मेन बाजार, स्टेशन रोड, आर्यकन्या चौराहा, मिश्राना, हाथीपुर, मेला-मैदान, गोटैयाबाग सहित तमाम जगहों पर नालों की सफाई नहीं हो पा रही है। अब तक हुई सफाई से छोटे नालों से ही मिट्टी निकाली गई है, लेकिन मेन नालों की ओर किसी का ध्यान नहीं है। शहर में पिछले एक दशक में नालों के ऊपर कब्जे कर पक्की दुकानों के निर्माण किया गया है। जिससे नालों की सफाई तो दूर सफाईकर्मी भी इन जगहों पर नहीं जाते। इससे बारिश होने पर एक बार फिर नालों के गंदे पानी से शहर में जलभराव की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में बारिश होने पर लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
एसडीएम/ईओ आलोक वर्मा ने बताया कि शहर में कई बार घूमकर नालों की सफाई
व्यवस्था का जायजा लिया गया है। जो नाले अतिक्रमण के कारण साफ नहीं हो पाए
हैं, उन्हें बारिश से पहले साफ कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस बार
बारिश में लोगों को दिक्कतें नहीं होने दी जाएगी।
नाले पर बना लिया मकान
निघासन रोड पर पलिया बस अड्डे के पास स्थित नाला कई वर्षों पुराना है। इस नाले से शिवपुरी, गढ़ी रोड, भटनागर कॉलोनी, अयोध्यापुरी, गोकुलपुरी आदि मोहल्लों का गंदा पानी निकलता है। मौजूदा समय में इस नाले के ऊपर बढ़ाकर मकान का निर्माण कर लिया गया है। इससे नाले की सफाई नहीं हो पा रही है।
सीढ़ियां बनाकर ढक दिया नाला
मेला-मैदान में धर्मकांटा के पास अभी कुछ ही साल पहले सड़क के दोनों ओर नाले का निर्माण कराया गया था। मंशा थी कि संतोषनगर, द्वारिकापुरी, हरिजन बस्ती, संकटा देवी आदि मोहल्लों का गंदी पानी नाले से निकलेगा लेकिन अब इस दुकान के बाहर सीढ़ियां बनाकर नाला पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
नाले पर बनी दुकानें सफाई में बनीं बाधक
स्टेशन रोड से होते हुए किराना बाजार, फल सब्जी मंडी, जवाहर बाजार, आर्यकन्या चौराहा होते हुए निकला मेन नाला तीन दशक पुराना है लेकिन बाजार में नाले पर दुकानों का निर्माण होने से कई सालों से इसकी सफाई नहीं हुई है। इससे बाजार में हर साल बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है।
नाले के साथ सड़क पर भी कब्जा
नई बस्ती समेत तमाम कई मोहल्लों के लिए बना नाला जिला अस्पताल रोड तक आने से पहले ही पूरी तरह ब्लाक हो गया है। नाले के पास बनीं दुकानों की सीढ़ियों के साथ ही यहां सड़क पर भी कब्जा कर लिया गया है। जिससे नाले की सफाई का कार्य लगभग न के बराबर हो पा रहा है। इससे बरसात में परेशानी बढ़ जाती है।
इन नालों की नहीं होती तड़ीझाड़ सफाई
-स्टेशन रोड से आर्यकन्या चौराहा होते हुए ममता होटल से सेठघाट तक बना करीब तीन किलोमीटर लंबा नाला सबसे ज्यादा अतिक्रमण का शिकार है
-हरिजन बस्ती तिराहे से हाथीपुर, होमगार्ड आफिस, अर्जुनपुरवा होते हुए सेठघाट तक गए नाले पर अतिक्रमण के कारण कई नहीं हो पा रही सफाई
-अनंतदेव समाधि से गढ़ी रोड, शिवपुरी, पलिया बस अड्डा, दुर्बलआश्रम होते हुए निकले नाले में भरी है गंदगी
-बहादुरनगर से जीजीआईसी, जेल रोड, जंगलीनाथ मंदिर, पुराना एसपी बंगला होते हुए निकला नाला कई वर्षों से बदहाल पड़ा है