श्रीनगर विधायक मंजू त्योगी को ज्ञापन सौंपते हुए रोजगार सेवक। स्रोत : संगठन
लखीमपुर खीरी। मानदेय बढ़ाने और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने समेत कई मांगों को लेकर रोजगार सेवक एकजुट नजर आए। सभी ब्लॉकों में उन्होंने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन संबंधित विधायकों को सौंपा।
ज्ञापन श्रीनगर की विधायक मंजू त्यागी, धौरहरा के विनोद शंकर अवस्थी, पलिया के रोमी साहनी और कस्ता के सौरभ सिंह सोनू को दिया गया।रोजगार सेवकों ने बताया कि उन्हें प्रशासनिक मद से मात्र 7,788 रुपये मानदेय मिल रहा है, जो बेहद कम है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया जा चुका है, जबकि उनका मामला अब तक लंबित है। उन्होंने अपना मानदेय बढ़ाने की मांग की।
इसके अलावा प्रशासनिक व्यय आधारित व्यवस्था में खामियों के चलते समय पर भुगतान न होने की समस्या भी उठाई गई। आरोप लगाया कि उन्हें ईपीएफ, बोनस और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। करीब 10 वर्षों से ईपीएफ के नाम पर कटौती के बावजूद राशि यूएएन खातों में जमा नहीं की गई है। चिकित्सा सुविधा के लिए हेल्थ कार्ड भी उपलब्ध नहीं कराया गया।
रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री की चार अक्तूबर, 2021 की घोषणा का हवाला देते हुए मानव संसाधन नीति के तहत न्यूनतम 24 हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित करने की मांग की। साथ ही नियमित भुगतान के लिए अलग बजट की व्यवस्था और 12 से 14 माह के बकाया मानदेय के शीघ्र भुगतान की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण कई कर्मी इलाज तक नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में राज्य स्तर पर नियमित भुगतान व्यवस्था लागू करने की जरूरत है। अंत में जनप्रतिनिधियों से उनकी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री को पत्र भेजने का अनुरोध किया गया।