बांकेगंज। नेपाली हाथियों का झुंड शनिवार सुबह खीरी ब्रांच (बड़ी नहर) के पानी में लांघ कर किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी (वन्यजीव विहार) रेंज में घुस गए। जंगल में इनकी लोकेशन ट्रेस करने पहुंची वन कर्मियों की टीम से उत्पाती हाथियों का आमना-सामना हो गया। हाथियों ने वन कर्मियों की टीम को घेरने की कोशिश की। इसी बीच खतरा भांपकर वन कर्मी भागे तो हाथियों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया इस पर वन कर्मियों ने हवाई फायरिंग कर किसी तरह अपनी जान बचाई। डीटीआर बफरजोन के उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल,रेंजर केपी सिंह,आरपी सिंह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज की महुरेना और भरिगवां बीट में पिछले दो दिनों से डेरा जमाए बैठे नेपाली जंगली हाथियों का झुंड शनिवार भोर जंगल से सटे काकोरी और सिसनौर गांव में जंगल के किनारे स्थित खेतों में पहुंचे। वहां इन उत्पाती हाथियों ने सात किसानों की 15 बीघा धान और गन्ने की फसल नष्ट कर दी। गांव वालों के शोर मचाने पर हाथी जंगल की ओर भागे। जहां इनकी निगरानी में लगी वन कर्मियों की टीम इस प्रयास में जुटी थी कि हाथी जंगल के बीच से गुजरी एनएच 730 हाईवे की रोड पार कर गोला शहर की आबादी की तरफ न बढ़ने पाएं, लेकिन अचानक हाथियों ने अपना रूख बदला। इसके बाद हाथियों का झुंड बांकेगंज कस्बा से दो किलोमीटर दूरी पर खीरी ब्रांच (बड़ी नहर) को लांघ कर किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज (वन्यजीव विहार) के किनारे पहुंचा। जहां यह झुंड दो हिस्सों में बंट गया। इसमें एक हिस्से में शामिल हाथियों का झुंड कोरजोन की दक्षिण मैलानी बीट के कंपार्टमेंट 10 तो दूसरे ग्रुप के हाथी डीटीआर बफरजोन की जटपुरा बीट के कंपार्टमेंट 7 में घुस गए। इस दौरान इन हाथियों की लोकेशन ट्रेस करने में लगे वन कर्मिर्यो की टीम मेें शामिल डिप्टी रेंजर जयराम कुशवाहा, फॉरेस्टर मोहम्मद उमर,राजेंद्र वर्मा,आकाश खरवार, मोहनराम,अशोक का नेपाली जंगली हाथियों से आमना-सामना हो गया। यह देख हाथियों ने उन्हें दौड़ा लिया और घेरने की कोशिश की। खतरा भांपकर वन कर्मी भाग खड़े हुए। उन्होंने हवाई फायरिंग कर किसी तरह अपनी जान बचाई।
नेपाल के उत्पाती हाथियों ने चार दिन में तय किया 100 किलोमीटर का सफर..
नेपाल के शुक्ला फाटा नेशनल पार्क से निकले 30 हाथियों के झुंड ने चार दिन के अंदर 100 किलोमीटर का सफर तय किया है। नेपाल से निकला हाथियों के दल शारदा नदी को पार कर पीलीभीत जिले की हरीपुर रेंज पहुंचा। जहां से जंगल के रास्ते भीरा रेंज की महराज नगर बीट में भ्रमण करता हुआ यह दल किशनपुर सेंक्चुरी के चलतुआ और बाबा फार्म आबादी तक पहुंचा। अफसरों को यह उम्मीद थी हाथी यहीं से वापस नेपाल चले जाएंगे। मगर हाथी वन विभाग को चकमा देते हुए एक बार फिर किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज के मड़हा वन ब्लॉक में पहुंच गए। जहां से यह हाथी बृहस्पतिवार भोर डीटीआर बफरजोन की गदनियां,महुरेना और भरिगवां बीट में पहुंचे। रास्ते में किसानों के खेेतों में खड़ी फसलों को नष्ट किया। शनिवार भोर यह हाथी महुरेना जंगल से काकोरी और सिसनौर गांव की ओर पहुंचे। इसके बाद अचानक इन हाथियों ने अपना रूख बदला और बड़ी नहर को पार कर दो हिस्सों में बंट गया। फिर किशनपुर सेंक्चुरी रेंज के दक्षिण मैलानी और बफरजोन की जटपुरा बीट में आराम फरमा रहा है।
महेशपुर रेंज के वनर्मियों ने शुरू की निगरानी
ममरी। रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि सहजनियां वीट का जंगल मैलानी रेंज की भरिगवां वीट जंगल से जुड़ा है। इसी जंगल से गोला खुटार रोड गुजरा है। हार्थियों का झुंड अभी रोड के उत्तर एक किमी दूर मौजूद है। जिनकी लोकेशन लेने के लिए कई वनकर्मियों को लगाया गया है। हाथियों के झुंड से अभी महेशपुर रेंज क्षेत्र के किसानों को कोई खतरा नहीं है। फिर भी वनकर्मी गांव जाकर लोगों को जागरुक रहे हैं। साथ ही सीमा पर मिर्च सुलगाने की व्यवस्था हो रही है।
हाथियों के उत्पात से कई एकड़ धान और गन्ने की फसल बर्बाद
संसारपुर। बांकेगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत काकोरी के पश्चिम शुक्रवार रात जंगली हाथियों के झुंड ने उत्पात मचाकर मूलचंद और दाताराम निवासी काकोरी का दो-दो बीघा गन्ना, जगन्नाथ निवासी काकोरी का तीन बीघा धान, रामसनेही निवासी सिसनौर का दो बीघा गन्ना, दुलारे निवासी सिसनौर का पांच बीघा धान, प्यारेलाल निवासी काकोरी का एक बीघा गन्ना, सत्यप्रकाश निवासी नौवाखेड़ा का एक बीघा गन्ना, रामवती निवासी काकोरी दो बीघा गन्ना, विनोद कुमार निवासी लोनपुरवा का एक बीघा गन्ना नष्ट कर दिया। सुबह ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई तो उनमें हड़कंप मच गया। फॉरेस्टर राजेंद्र वर्मा ने बताया यह एरिया बफर जोन उत्तर खीरी डिवीजन के मैलानी रेंज अंतर्गत भरिगवा बीट में आता है, वह वन कर्मियों के साथ हांका लगाते हुए हाथियों के पीछे गए थे। हाथी सेंच्युरी में प्रवेश कर गए हैं।
मैलानी रेंज की महुरेना बीट जंगल और एनएच 730 के करीब भ्रमण कर रहे नेपाल के जंगली हाथियों के गोला शहर की आबादी की ओर बढ़ने का खतरा मंडरा रहा था। अचानक हाथियों ने वापस जंगल की ओर रुख कर लिया है। फिलहाल हाथियों का यह झुंड दो हिस्सों में बंट गया है। शनिवार सवेरे यह जंगली हाथी किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज और बफरजोन की जटपुरा बीट में पहुंच गए हैं। इनकी लगातार निगरानी की जा रही है। जंगली हाथियों ने जिन किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है,उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। -डॉ. अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर,बफरजोन।