मझगईं के भगवंतनगर में अपनी फसल दिखाती महिला। स्रोत : किसान
मझगईं। क्षेत्र के भगवंतनगर गुलरा गांव में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। 15 दिनों में चौथी बार पार्क से निकले हाथियों के झुंड ने गेहूं, लाही, मिर्च के साथ ही गन्ने की फसल को पैरों तले रौंदकर तहस-नहस कर किसानों का खासा नुकसान किया है।
दक्षिण वन रेंज सोनारीपुर के गुलरा क्षेत्र में दुधवा नेशनल पार्क क्षेत्र से निकले जंगली हाथियों के झुंड ने रात में गांव के पास स्थित खेतों में घुसकर गन्ना, मिर्च, लाही की फसलों को रौंदते हुए करीब दस एकड़ फसल को तहस-नहस कर दिया। ग्रामीण शिवराज ने बताया कि हाथियों के झुंड ने रामबहादुर, सचिन गुप्ता, कल्लू, नीरज गुप्ता, तुलसीराम, लालता प्रसाद और कूंजन लाल के खेतों में घुसकर घंटों तक उत्पात किया।
किसानों ने जानकारी होने पर ट्रैक्टर व पटाखा दागकर कड़ी मशक्कत से हाथियों को खेतों से खदेड़ा। जानकारी होने पर मंगलवार की सुबह रेंजर अंकित सिंह ने मौका मुआयना किया है और किसानों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। किसानों ने बताया कि पिछले 15 दिनों में यह चौथी बार हाथियों द्वारा फसल रौंदने की घटना है।
इससे पूर्व 11 नवंबर को हाथियों ने 10 एकड़, 18 नवंबर को 12 एकड़, 22 नवंबर को 10 एकड़ गन्ने की फसल को रौंदा जा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी वन विभाग हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। जिससे घटनाएं बढ़ रही हैं। रेंजर अंकित कुमार सिंह ने बताया कि 25 हाथियों का झुंड आया था और इसके बाद से निगरानी बढ़ा दी गई है। यह झुंड गुलरा की तरफ चला गया था और अब इसको वापस खदेड़ने का कार्य किया जाएगा।