नेपाल से आया हाथियों का झुंड कुछ दिन पहले तक भारत-नेपाल सीमा पर गौरीफंटा रेंज में सक्रिय था। उम्मीद की जा रही थी कि हाथी नेपाल वापसी कर सकते हैं लेकिन अब हाथियों का यह झुंड सोनारीपुर रेंज होते हुए बेलरायां रेंज पहुंच गया है। यहां से इन हाथियों को जंगल से सटे खेतों में पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। इसको लेकर दुधवा पार्क प्रशासन अलर्ट हो गया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व में 150 से ज्यादा हैं हाथी
दुधवा टाइगर रिजर्व में वर्ष 2021 में हुई गणना के मुताबिक, मौजूदा समय में 150 से अधिक जंगली हाथी हैं। इनके अलावा नेपाल से भी समय-समय पर जंगली हाथी यहां आकर महीनों प्रवास करते हैं। कभी-कभी नेपाल के जंगली हाथियों को दुधवा का जंगल इतना रास आता है कि प्रवासी हाथी यहीं रुक जाते हैं और वापस नेपाल नहीं जाते।
इन इलाकों में हाथी मचाते हैं उत्पात
हाथी जंगल से निकलकर दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की मैलानी, भीरा, पलिया, मझगईं और बेलरायां रेंज के आसपास खेतों में उत्पात मचाते हैं। यूं तो नेपाली हाथी सालभर यहां आते रहते हैं लेकिन हर साल अगस्त माह में नेपाल से हाथियों के बड़े झुंड आते हैं, जो यहां लंबा प्रवास कर किसानों की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी. ने बताया कि नेपाली हाथियों का एक झुंड इन दिनों दुधवा में मौजूद है। इस समय यह बेलरायां रेंज में देखा जा रहा है। वन विभाग की टीमों को सतर्क किया गया है कि वह नजर रखें। जंगली हाथी खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान न पहुंचाएं।