मझगईं के भगवंतनगर गुलरा में हाथियों द्वारा तोडी गई मचान। संवाद
मझगईं। भगवंतनगर गुलरा में शनिवार को हाथियों के झुंड ने किसानों की गन्ने की फसल रौंद दी। साथ ही फसल बचाने के लिए बनाई गई मचान को भी तहस-नहस कर दिया। चौखड़ा फार्म में सप्ताहभर बाद भी कहर जारी रहा।
शुक्रवार देर रात पार्क के जंगल से निकलकर आए हाथियों के झुंड ने मुकेश उर्फ माइकल की तीन एकड़ गन्ने की फसल को पैरों से रौंद दिया। मुन्ना लाल की दो एकड़ व हरभजन सिंह, बलवंत सिंह और राजा सिंह आदि किसानों की लगभग 10 एकड़ गन्ने की फसल को तहस-नहस कर डाला। हाथियों से बचाव के लिए जंगल किनारे डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के द्वारा लगाई गई तार फेंसिंग जाली को हाथियों ने तोड़कर गिरा दिया।
खेतों की रखवाली के लिए बनाए गए मचान भी हाथियों ने तोड़ डाले। गनीमत रही कि उस समय मचान पर कोई नहीं था। हाथियों के डर से अब किसान रात में खेतों की रखवाली भी करने नहीं जा पा रहे हैं। किसानों ने वन विभाग व पार्क प्रशासन से हाथियों के झुंड से बचाने के साथ जल्द फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि हाथियों के द्वारा तोड़ी गई जाल को जल्द ठीक कराया जाएगा और किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा, बाकी वन विभाग की टीम को गश्त के लिए बराबर लगाया गया है।
मझगईं के भगवंतनगर गुलरा में हाथियों द्वारा तोडी गई मचान। संवाद