बांकेगंज। नेपाल के शुक्ला फाटा नेशनल पार्क से किशनपुर सेंक्चुरी के मड़हा जंगल में छह दिन पहले आए दो हाथी जंगल में डेरा डाले हैं। पिछले दो दिनों से ये हाथी जंगल से बाहर खेतों में नहीं आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि खेतों में उन्हें पसंदीदा भोजन नहीं मिल पा रहा है। इसलिए उन्हें पेड़ों की पत्तियों से ही गुजारा करना पड़ रहा है।
आमतौर से जिस समय जंगली हाथी नेपाल से दुधवा के जंगलों में आते हैं, उस समय खेतों में धान, गन्ना और केले की फसल होती है। यह तीनों फसलें हाथियों का पसंदीदा भोजन हैं। इस समय जंगल के बाहर खेतों में गेंहू की फसल खड़ी हुई है। जिसमें बालियां भी आ गई हैं। जो हाथियों को पसंद नहीं आ रही हैं। उधर, बाघों और हाथियों के डर से किसानों ने जंगल से सटे खेतों में अपनी गन्ने की फसल काट ली है। हाथियों को अब गन्ना भी नहीं मिल पा रहा है।
नेपाली हाथियों ने पहले दिन सोहनरा भूड़ गांव के आसपास गेंहू की फसल को नुकसान पहुंचाया। उसे खाया नहीं, बस रौंदकर बर्बाद कर दिया। वन विभाग का कहना है कि हाथियों को जंगल के बाहर उनकी पसंद का खाना नहीं मिल पा रहा है। इससे यह हाथी जंगल में ही दुबके हुए हैं। रेंजर मैलानी साजिद हसन ने बताया कि वन विभाग की टीमें लगातार हाथियों की निगरानी में जुटी हुई हैं। दो दिन से उनकी लोकेशन नहीं मिली है। अनुमान है ये हाथी घने जंगल में छिपे हैं।