बांकेगंज के बरौंछा गांव के खेतों में हाथियों ने रौंदी धान की फसल। स्रोत : वन विभाग।
बांकेगंज। नेपाल के शुक्ला फांटा नेशनल पार्क से किशनपुर अभयारण्य के मड़हा सेक्शन में पहुंचे सात हाथियों ने यहां डेरा डाल दिया है। बुधवार शाम को जंगल से निकलकर हाथी बफरजोन की जटपुरा बीट जा पहुंचे। निगरानी टीमों को दौड़ाने के बाद खेतों में खड़ी धान की फसल रौंद डाली।
मड़हा सेक्शन से नकुला के रास्ते बुधवार रात निकले हाथी जंगल से सटे बरौंछा गांव के खेतों में पहुंचे। यहां फसलों की रखवाली कर रहे ग्रामीणों और निगरानी टीमों ने पटाखे दागकर और पीपे बजाकर खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। खदेड़ने से गुस्साए तीन टस्करों ने ग्रामीणों और टीमों को दौड़ा लिया। सभी ने इधर-उधर भागकर बमुश्किल जान बचाई। इसके बाद हाथी दिलबाग, मोहन समेत चार किसानों के खेतों में घुसकर पककर तैयार खड़ी धान की फसल चरकर और रौंद कर नष्ट कर डाली। सुबह के वक्त हाथी फिर जंगल की ओर कूच कर गए। इस दौरान उत्पाती हाथियों ने रास्ते में खड़े कई पेड़ उखाड़ डाले। निगरानी टीमों के मुताबिक बृहस्पतिवार को हाथियों की लोकेशन मड़हा जंगल में मिली है।
वर्जन
वन कर्मियों की टीमें गठित कर हाथियों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। जटपुरा बीट में फसल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। पिछले दो सालों में वन विभाग की ओर पलिया मझगई, संपूर्णानगर और उत्तर निघासन बेलरायां क्षेत्र के 118 किसानों के बैंक खाते में 22 लाख रुपये से अधिक फसल क्षति धनराशि भेजी जा चुकी है।
- कीर्ति चौधरी, डीएफओ, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन।