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Lakhimpur Kheri News: बसंतापुर कलां में हाथियों ने फिर रौंदीं फसलें

Sun, 30 Nov 2025 10:48 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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मझगईं के भगवंतनगर गुलरा में हा​थियों द्वारा रौंदी गई फसल। स्रोत किसान
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पलियाकलां। क्षेत्र में दुधवा नेशनल पार्क के जंगल से निकले जंगली हाथियों का उत्पात कम होने के बजाय रोजाना बढ़ रहा है। बसंतापुर कलां गांव में लगातार कई दिनों से हाथियों का झुंड रात के अंधेरे में आकर किसानों की फसलों को तहस-नहस कर देता है। सुबह जब किसान खेत पहुंचते हैं तो अपनी फसलों को तहस-नहस होता देख वन विभाग के खिलाफ आक्रोशित होते हैं।
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बीती रात बसंतापुर कलां स्थित गोवंश आश्रय केंद्र के पास स्थित खेतों में जंगली हाथियों ने केला, गन्ना व लाही की फसल को तहस-नहस कर दिया। सुबह खेतों की ओर गए ग्रामीणों ने इसको देखकर वन विभाग को सूचना दी। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को कई ग्रामीणों ने दुधवा के डीडी जगदीश आर से मुलाकात की थी और फसलों के नुकसान का मुआवजा दिए जाने को लेकर बात कही थी। साथ ही कहा था कि पिछले साल भी जंगली हाथियों ने खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद किया था, लेकिन तब से लेकर आज तक फसल क्षति का कोई मुआवजा वन विभाग ने नहीं दिया है। इसकी बात डीडी के सामने रखी थी। जिस पर डीडी ने जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था। किसानों ने यहां मुआवजा न मिलने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी भी दी थी। इधर ग्रामीण डीडी से मिले थे और रात में ही एक बार फिर से हाथियों के झुंड ने उनकी फसलों को तहस-नहस कर दिया। इससे ग्रामीणों में खासा रोष फैल गया है। इस बारे में मझगईं रेंजर अंकित कुमार सिंह ने बताया कि सूचना पर लगातार वन विभाग की टीमों को भेजा जा रहा है बाकी फसल क्षति के मुआवजा दिलाने का भी लगातार प्रयास कर रहे हैं। किसानों ने पार्क प्रशासन से गोला पटाखा ही उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि वह अपनी फसलों को खुद हाथियों को खदेड़कर बचा सकें।

किसान की एक एकड़ गन्ने की फसल रौंदी
मझगईं। जंगली हाथियों के झुंड ने मझगईं क्षेत्र में भी आतंक फैला रखा है। यहां कंधरहिया, मझगईं, गुलरा टांडा, भगवंतनगर समेत कई गांवों के आस-पास हाथियों का झुंड घूम रहा है जो किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। इसी में कंधरहिया निवासी किसान ओमप्रकाश नाग का आरोप है कि पार्क की गुलरा चैकी के पास खेत में गन्ना बोया था जिसको हाथियों ने तहस नहस कर दिया। इससे पूर्व भी जंगली हाथी नुकसान कर चुके हैं। मुआवजे के लिए मझगई रेंज अधिकारियों के साथ पार्क अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर अवगत करा कर मुआवजा के लिए दर्जनों बार गुहार लगाई मगर 2012 से मुआवजा नहीं मिल रहा है। जिस पर उसने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर मुआवजे के साथ हाथियों के कहर से बचाने की मांग है। संवाद
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