क्षेत्र में दुधवा नेशनल पार्क से आने वाले जंगली हाथियों का आतंक कम होने के बजाए बढ़ता ही जा रहा है। गुरुवार की रात फिर चौखड़ाफार्म में हाथियों ने कई एकड़ गन्ने की फसल को रौंदने के साथ दर्जनों केले के पेड़ों को भी तोड़ डाला। खेत की रखवाली कर रहे चौकीदार को हाथियों ने दौड़ा लिया। लोगों ने पटाखा दागकर चौकीदार को बचाया। सूचना पाकर वनकर्मी भी मौके पर पहुंच गए।
हाथियों ने बेला, भगवंतनगर, गुलरा टांडा, चौखड़ाफार्म के खेतिहर इलाके में तांडव मचा रखा है, जिसमें किसानों की हाड़-तोड़ मेहनत से बोई गई गन्ने, गेहूं की कई एकड़ फसल बरबाद कर चुके हैं। इधर तीन दिनों से चौखड़ाफार्म में हाथी कहर बरपा रहे हैं। गुरुवार की रात जंगली हाथियों ने चौखड़ा में गंगाराम, बटेशुर, लखविंदर सिंह, निशान सिंह, सुरेंद्र सिंह की कई एकड़ गन्ने की फसल के साथ सरजीत सिंह, अमनदीप सिंह के खेतों में खड़े केलों के दर्जन भर पेड़ों को तहस-नहस कर दिया। साथ ही अमन के खेत की चौकीदारी कर रहे वर्मा यादव को दौड़ा लिया। चौकीदार के चिल्लाने की आवाज सुनकर एकत्र हुए लोगों ने ट्रेक्टरों को स्टार्ट कर और पटाखा दाग कर हाथियों को भगाया तब चौकीदार की जान बची। सूचना पाकर रात में ही गुलरा चौकी में तैनात दरोगा उमाशंकर पाल दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। चौखड़ाफार्म के किसानों ने प्रशासन से जंगली हाथियों के कहर से बचाने और फसलों का मुआवजा जल्द देने की मांग की है।