अधिशाषी अभियंता रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि करीब 200 सरकारी दफ्तरों में बिजली खपत का ब्यौरा जुटाने के लिए मीटर लगाया गया है। कई सरकारी दफ्तरों में वर्षों से मीटर नहीं बदले गए हैं। जिसके कारण सही ढंग से बिजली खपत का ब्यौरा नहीं दर्ज हो पा रहा है। प्रमुख सचिव ने इस संबंध में निर्देश दिया है कि सरकारी दफ्तरों में लगे मीटरों को बदल कर उनकी जगह नए मीटर लगाए जाएं। ताकि हर माह का यूनिट खर्च सही ढंग से दर्ज हो सके। सरकारी दफ्तरों में मीटर बदलने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सामंजस्य बिठाया जा रहा है।
बीएसए ने लौटाया बिजली बिल
ईई ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग पर कई वर्षों से बिजली बिलों का करीब दो करोड़ रुपये बकाया है। इस संबंध में पत्र के साथ बिल बीएसए को भेजा गया था, लेकिन बीएसए ने यह कहते हुए बिल वापस कर दिया कि 300 रुपये प्रति माह का बिजली बिल अनुमन्य है। इसके हिसाब से उन्हें 11 माह का ही बिजली बिल दें। इस पर बिजली विभाग ने इस तरह के किसी भी टैरिफ के न होने का हवाला देते हुए दोबारा बिल भेजा है।