लखीमपुर खीरी। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई है। बेहजम में तीन, निघासन व पलिया में दो दिन से बिजली नहीं है। इसके अलावा भी कई क्षेत्रों में आपूर्ति गुल है। इसी के चलते बेहजम सहित कई क्षेत्रों के उपभोक्ताओं ने बुधवार रात हंगामा किया, लेकिन समस्या का फिर भी समाधान नहीं हो पाया।
कलक्ट्रेट उपकेंद्र के नौरंगाबाद फीडर के मोहल्ला काशीनगर में बुधवार रात एक फेस चला गया। लोग रात भर प्रयास करते रहे, लेकिन हड़ताल के चलते फाॅल्ट ठीक नहीं हो सका। ऐसे में सुबह में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित रही। काफी संख्या में लोग उपकेंद्र पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद दोपहर बाद फाॅल्ट ठीक हो सका। इसी तरह छाउछ, गढ़ी, खीरी टाउन, कलक्ट्रेट आदि उपकेंद्रों से जुड़े कई मोहल्लों में बिजली का संकट रहा। बिजली न मिलने से पानी की आपूर्ति भी प्रभावित रही।
भूलनपुर फीडर चलने के बावजूद अंधेरे में हजारों उपभोक्ता
बेहजम। क्षेत्र के कई गांवों में तीन दिन से बिजली आपूर्ति ठप है, ऐसे में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित है। गर्मी में लोगों का हाल बेहाल है। बुधवार रात रारी, अछनिया, मलिंगा, धवंरपुर, बेहजम, गौहरपुर, भरेहटा, गुलचौरा, लखनापुर, अल्लीपुर के बड़ी संख्या में लोग बेहजम उपकेंद्र पहुंचे तो देखा वहां भूलनपुर फीडर चल रहा था। बावजूद इसके गांव में बिजली आपूर्ति ठप थी। यह देखकर ग्रामीण भड़क उठे और हंगामा करने लगे। उपभोक्ता शिवकुमार पांडे ने बताया कि तीन दिन से गुलचौरा गांव में बिजली नहीं है। गौहरपुर भरेहटा के अवधेश यादव का कहना था कि तीन दिन से गांव में अंधेरा है। एसडीओ मितौली हसीब अहमद का फोन भी बंद है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे क्षेत्र के हजारों उपभोक्ता परेशान हैं। संवाद
बिलहारा फीडर से रातभर गुल रही बिजली
मोहम्मदी। राजापुर उपकेंद्र के बिलहारा फीडर से रात भर आपूर्ति गुल रही। इस फीडर से खजुहा, गुलरिया परवसतनगर, रधोला जरिया, केहुआ, भगेली, रोरबा, पलिया और मोहम्मदी कस्बे में बिजली की आपूर्ति होती है। बताते हैं कि आंधी की वजह से कई जगह फाॅल्ट हो गए हैं। निगम के पास कर्मी न होने से फाॅल्ट दुरुस्त नहीं हो सके। एसडीओ शुभम मौर्या ने बताया केबल में खराबी आने से दिक्कत हुई है। संवाद
निघासन में भी लाइनें क्षतिग्रस्त, पेड़ गिरने से खंभे टूटे
निघासन। दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति मंगलवार रात से बाधित है। गर्मी और पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं। रकेहटी निवासी व्यापारी जगत नारायन गुप्ता ने बताया कि विद्युत लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। कई जगह पेड़ गिरने से खंभे टूट गए हैं। फीडर बंद हैं। दो दिन से बिजली न मिलने से व्यापार और दैनिक जनजीवन पर बुरा असर पड़ा है। ढखेरवा खालसा निवासी सोनू पांडेय ने बताया कि जलापूर्ति भी पूरी तरह बाधित है। गर्मी और उमस में लोग परेशान हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। निघासन डिवीजन के अधिशासी अभियंता रवींद्र कुमार यादव ने बताया कि करीब 150 खंभे क्षतिग्रस्त हैं। बुधवार रात कुछ क्षेत्रों की आपूर्ति बहाल कर दी गई। अन्य जगह भी काम चल रहा है। संवाद
पलिया में कई मोहल्लों की बिजली 37 घंटे से ठप
पलियाकलां। पलिया क्षेत्र में बुधवार को सुबह आंधी तथा तूफान के बाद बारिश व ओलावृष्टि से पूरे शहर की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई जगहों पर खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पलिया शहर में तो एक-आध मोहल्लों की बाधित आपूर्ति को ठीक करने का कार्य किया गया, लेकिन शेष मोहल्लों की बिजली बीते 37 घंटों से नदारद है।
बाइपास व मेला मार्ग के फीडर को रात में विद्युत निगम के कर्मचारियों ने ठीक कर दिया था लेकिन इंद्रानगर, किसान, मालगोदाम मार्ग, नगर पालिका मार्ग पर पूरे दिन बिजली नदारद रही। टेहरा शहरी में भी आपूर्ति पूरी तरह से बाधित होने से मोहल्लेवासियों को 37 घंटों के बाद भी बिजली नसीब नहीं हो पाई।
लोगों का आरोप है कि स्टाफ व संसाधन होने के बाद भी बिजली निगम सही ढंग से कार्य नहीं कर रहा है। जिससे बिजली आपूर्ति ठप है। इधर, ग्रामीण क्षेत्रों का हाल तो इससे भी ज्यादा खराब है। कई इलाकों में 72 घंटों से बिजली के दर्शन नहीं हुए हैं। संवाद
30 घंटे बाद भी नहीं हुए बिजली के दर्शन
संपूर्णानगर। आंधी से महंगापुर के आगे पेड़ गिरने से बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने से 30 घंटों से बिजली गुल है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उपकेंद्र में कोई ऐसा नंबर नहीं है जिससे यह पता चल सके कि बिजली कब मिलेगी। इस बारे में टीजीटू विजेंदर ने बताया कि जो खंभे उखड़ गए थे, उनको ठीक किया जा रहा है और तार खींचने का काम भी हो रह है। ऐसे में रात सात से आठ बजे के बाद आपूर्ति शुरू हो सकती है। संवाद
48 घंटों से दर्जनों गांवों की बिजली गुल, ग्रामीणों ने किया उपकेंद्र को घेराव
ओयल। ग्रामीण इलाकों में 48 घंटों से बिजली आपूर्ति बाधित है, जिसमें पन्योरा, कारीपोखर, मैनभीरी, डिप्टीपुरवा, रायपुर, लौकी, पिपरा, बनिका फारम, बनिकापुरवा, तकिया, बरतेर, सरैंया, पलिया आदि गांव अंधेरे में है। नाराज ग्रामीणों ने बुधवार देर रात उपकेंद्र पहुंचकर उसपर ताला लगा दिया। पुलिस से तीखी बहस हुई। जेई ने बृहस्पतिवार से व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए काम शुरू कराया, लेकिन सप्लाई बहाल न होने पर ग्राम बनिका के काफी संख्या में ग्रामीण एक बार फिर विद्युत उपकेंद्र ओयल पहुंच गए और घेराव कर धरने का अल्टीमेटम दिया। एसडीओ वीरेंद्र कुमार ने ग्रामीणों को समझा-बुझा कर शांत कराया। जेई सत्येंद्र कुमार ने बताया कि एक फीडर को चालू करवा दिया गया है। दूसरे फीडर पर कार्य जारी है। संवाद
खीरी टाउन में एक फेस की समस्या, लोग परेशान
खीरी टाउन। कस्बे की बिजली भी बेपटरी है। एक फेस न आने से लोग परेशान हैं। विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त कराए जाने को लेकर कस्बे के लोग उपकेंद्र पहुंचे, लेकिन फिर भी समस्या जस की तस रही। बुखारी मोहल्ला के वार्ड सभासद के पति शकील खान ने आरोप लगाया कि अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं। अवर अभियंता विमल कुमार ने बताया कि फीडर नंबर एक में कहीं परेशानी थी, जिसको ढूंढने में बहुत समय लग गया। संवाद
20 घंटों से गुल है उचौलिया क्षेत्र की बिजली
उचौलिया। बुधवार आंधी के बाद से लाइन ब्रेक डाउन में है। जिस कारण जेबीगंज उपकेंद्र से जुड़े उचौलिया समेत दर्जनों गांवों की बिजली गुल है। बृहस्पतिवार दोपहर 33 केवीए लाइन का फाॅल्ट सही कर लिया गया, जबकि उचौलिया फीडर की 11 केवीए लाइन का फाॅल्ट सही नहीं हो सका। जेई शिवप्रकाश जोशी ने बताया कि 33 केवीए लाइन का फाॅल्ट दूर कर दिया गया है। उचौलिया 11 केवीए फीडर का फाॅल्ट शाम को बिजली आने पर सही किया जाएगा। संवाद
अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर गरजे कर्मी
लखीमपुर खीरी। छटनी के विरोध में संविदा कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रही। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा तब तक वे हड़ताल पर रहेंगे। बोले, लखनऊ तक विरोध प्रदर्शन कर चुके, लेकिन कोई भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। वर्षों से सेवा करते आ रहे हैं अब अचानक हटाया जा रहा है। कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे तो उनका परिवार कैसे चलेगा। संवाद
अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करते हुए संविदा कर्मचारी। संवाद