गोला गोकर्णनाथ। भीषण गर्मी में बिजली की खपत डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। ओवरलोडिंग से ट्रांसफार्मर हांफ रहे हैं। इससे किसी न किसी फीडर पर विद्युत आपूर्ति की समस्या बनने लगी है। इस समस्या से बचने के लिए विभागीय लोगों ने ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है।
नगर क्षेत्र में पांच फीडर हैं। तापमान बढ़ने पर जैसे ही सप्लाई आती है, ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर और केबिल सुलगने लगती है। सर्दी के सीजन से तुलना करें तो बिजली घर के पांच एमबीए के ट्रांसफार्मरों पर लोड तीन गुना तक बढ़ गया है। सूत्रों की माने तो स्टोर में लाइन मरम्मत के उपकरण का अभाव है, ऐसे में फाल्ट एवं ओवरलोडिंग को लेकर आने वाली समस्याओं को दूर करने में दिक्कत आ रही है।
विभागीय लोगों के अनुसार, फीडर नंबर एक पर 20, दो पर 35, तीन पर 52, चार पर 36, पांच पर 83 सहित कुल 226 ट्रांसफार्मर रखे हैं। जिनमें 10 केवीए के सात, 16 के बीस, 25 के 79, 63 के सात, 100 के 71, 250 के 25, 400 के 12, 630 के चार और 160 केवीए का एक ट्रांसफार्मर है। जो ओवरलोडिंग के चलते हांफ रहे हैं।
एसी से बढ़ा बिजली घर पर ओवरलोड
नगर में 21500 बिजली उपभोक्ता है। इसमें महज 259 उपभोक्ता पांच किलोवाट या इससे ऊपर के हैं। ओवरलोडिंग का मुख्य कारण एसी बताए जा रहे हैं। जिनमें 2500 कनेक्शन कॉमर्शियल हैं। सामान्यत: एसी को चलाने के लिए ढाई किलो वाट के लोड की जरूरत होती है। जबकि आज के सुख सुविधाओं के दौर में एयर कंडीशनर, गर्मी के सीजन में प्रथम आवश्यकता बन गया है।
बढ़ गई बिजली की खपत
गोला पावर हाउस में 10 एमवीए, 552 एंपियर का एक और 5-5एमवीए 262 एंपियर क्षमता के तीन ट्रांसफार्मर है। पावर हाउस से इन्हीं ट्रांसफार्मरों से होकर शहर को बिजली आपूर्ति कराई जाती है। जिनमें पांच एमवीए के ट्रांसफार्मरों पर 262 की बजाय 350 एंपियर का लोड चल रहा है।
फरवरी से तुलना में इस समय डेढ़ गुना तक बिजली की खपत हो रही है। ओवरलोड की वजह से ट्रांसफार्मर जलने की संभावना बढ़ जाती है। ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का प्रपोजल भेजा गया है।
विनीत कुमार वर्मा, एसडीओ विद्युत वितरण उपखंड गोला