बिजली की ओवरलोडिंग से जूझ रहे शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। अधिकारियों के मुताबिक शहर के मीरपुर में 10एमवीए का उपकेंद्र बनाने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए विभाग ने टेंडर आदि की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है और उम्मीद है कि एक सप्ताह के अंदर उपकेंद्र के निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
करीब एक साल पहले लखीमपुर शहर में रामापुर, राजापुर और देवकली रोड पर पांच एमवीए के एक-एक उपकेंद्र की स्वीकृति मिली थी, लेकिन जमीन की कमी के कारण उपकेंद्र बनाने में बाधा उत्पन्न हो रही थी लेकिन तमाम प्रयासों के बाद मीरपुर में उपकेंद्र बनाने के लिए जमीन मिल पाई है। अन्य जगहों पर जमीन की कमी के कारण दूसरी जगहों पर उपकेंद्र बनाने को मंजूरी दी गई है। लखीमपुर टाउन में बनने वाला पांच एमवीए का उपकेंद्र जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर सेमरी गांव में बनाया जाएगा।
इसी तरह एक उपकेंद्र कालाआम में प्रस्तावित किया गया है, जो पंडित दीन दयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना में बनाया जाएगा। लखीमपुर विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशाषी अभियंता रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि मीरपुर और सेमरी गांव में बनने वाले उपकेंद्रों के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। एक सप्ताह में दोनों जगहों पर निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि शहर से सटे मीरपुर में बनने वाले उपकेंद्र की क्षमता दोगुनी कर दी गई है। मीरपुर में पांच के बजाए 10 एमवीए क्षमता का उपकेंद्र बनाया जाएगा। इससे शहर की बिजली ओवरलोडिंग से काफी हद तक राहत मिलेगी। उपकेंद्र बनने के बाद उससे मीरपुर, रामापुर के साथ-साथ शहरी क्षेत्र की बिजली सप्लाई भी जोड़ी जाएगी।