महेवागंज/फूलबेहड। खेत में टेवा उखाड़ने को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट में घायल बुजुर्ग की चौथे दिन घर पर ही मौत हो गई। इससे परिजन आक्रोशित हैं। सोमवार सुबह मामला बिगड़ता देख सीओ धौरहरा पीपी सिंह और फूलबेहड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। करीब चार घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
सुंदरवल कस्बा निवासी शाबान ने बताया कि गांव के पूरब में उसका खेत है। फसल को जानवरों से बचाने के लिए खेत किनारे लकड़ी के टेवा लगाकर बाड़ बनाई गई है। 15 जनवरी को 75 वर्षीय पिता छेद्दन खां खेत पर गए थे। लकड़ी के टेवा कोई उखाड़ ले गया था। शक होने पर वे उलाहना दे रहे थे। इस बीच गांव के ही साजिद और महताब से कहासुनी हो गई।
आरोप है दोनों ने बुजुर्ग छेद्दन की पिटाई कर दी। ग्रामीणों ने बीच बचाव किया। बुजुर्ग बेसुध होकर गिर पड़े। परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही सुंदरवल चौकी में सूचना दी। आरोप है पुलिस ने मामले में कोई रुचि नहीं ली। 17 जनवरी को फूलबेहड़ थाने में तहरीर दी। इस पर पुलिस दोनों पक्षों की एनसीआर दर्ज कर शांत बैठ गई।
19 जनवरी की रात घर पर बुजुर्ग छेद्दन की मौत हो गई। भनक लगते ही पुलिस अलर्ट हो गई। सोमवार सुबह सीओ पीपी सिंह और प्रभारी निरीक्षक आलोक धीमान मय फोर्स गांव पहुंचे। काफी देर तक हंगामा होता रहा। सीओ ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।
फूलबेहड़ प्रभारी निरीक्षक आलोक धीमान ने बताया कि मृतक के बेटे ने थाने पर 17 जनवरी को सूचना दी थी। शव पर कोई जाहिर चोट के निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति साफ होगी।
पुलिस पर हीलाहवाली का आरोप गलत है। एनसीआर दर्ज की गई थी। आरोपियों की तलाश की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पीपी सिंह, सीओ धौरहरा
पूरा दिन चौकी पर बिठाया, तीसरे दिन दर्ज की एनसीआर
बुजुर्ग की मौत के मामले में फूलबेहड़ थाना क्षेत्र की सुंदरवल चौकी पुलिस पर मृतक पक्ष ने ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया। मृतक के बेटे शाबान ने बताया कि आरोपियों के रसूख के चलते कोई कार्रवाई नही हुई। आरोप लगाया कि पीड़ित पक्ष को ही पूरा दिन चौकी पर बिठाए रखा था। दूसरे पक्ष की तहरीर लेकर क्राॅस केस दर्ज करने की धमकी दी जा रही थी। तीसरे दिन थाने पर प्रभारी निरीक्षक आलोक धीमान से मिलने पर एनसीआर दर्ज की गई।