मोहम्मद साजिद
लखीमपुर खीरी। तीन साल में नगर क्षेत्र में आठ हजार नए भवन बढ़ गए हैं। हालांकि, जिन क्षेत्रों में यह विस्तार हुआ है वहां गृह व जलकर देने के बाद भी लोगों को जरूरी सुविधाएं मुहैया नहीं हो सकी हैं। यहां न पक्की सड़कें हैं, न ही पेयजल के लिए पाइप लाइन है। बिजली लाइन खिंचने के लिए भी लोग बस आस ही लगाए हुए हैं।
नगर क्षेत्र का लगातार विस्तार हो रहा है। आबादी बढ़ने के साथ ही शहर में आवासीय और व्यवसायिक निर्माण भी तेजी से बढ़े हैं। नगर पालिका के अधिकारियों के मुताबिक तीन वर्ष पहले निकाय के दायरे में लगभग 24 हजार आवासीय और व्यावसायिक भवन दर्ज थे। अब यह संख्या बढ़कर 32 हजार से अधिक हो गई है।
शहर के कांशीनगर, स्वरूपनगर, पटेलनगर, शास्त्रीनगर, शिव कॉलोनी, प्रकाशनगर, गोला रोड समेत कई नए मोहल्लों में लगातार प्लॉटिंग और आवासीय निर्माण हुए हैं। नगर पालिका प्रशासन के अनुसार नए भवनों की बढ़ोतरी के साथ ही टैक्स वसूली में भी इजाफा होने की उम्मीद है। इसके लिए सर्वे टीमों को वार्डवार तैनात कर नए निर्माणों का पंजीकरण कराया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि टैक्स दायरे में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने से शहर के विकास कार्यों में सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता को और गति मिलेगी। हालांकि लोगों का यह भी कहना है कि जब टैक्स बढ़ रहा है तो सुविधाओं में भी समानुपातिक सुधार दिखना चाहिए। नगर के बढ़ते विस्तार के साथ बेहतर योजना और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत अब और ज्यादा महसूस की जा रही है। संवाद
सड़कें कच्ची, बांस बल्लियों पर झूल रहे तार
शहर के कांशीनगर वार्ड में बढ़ी नई आबादी स्वरूप नगर के नाम के इलाके में बसी हुई है, इसके अलावा हिदायतनगर में पीछे की तरफ नई आबादी बस गई है। शास्त्रीनगर, प्रकाशनगर, नौरंगाबाद, बलदेव नगर, ईदगाह, गोला रोड गोटय्याबाग समेत तमाम ऐसे इलाके हैं, जहां अभी तक मूलभूत सुविधाएं नहीं बढ़ी हैं। इन इलाकों में अब भी कच्ची या खड़ंजा वाली सड़कें हैं, नालियां हैं नहीं या फिर टूटी हुई हैं। बिजली के खंभों की जगह अभी बांस बल्लियों पर ही तार झूल रहे हैं।
करीब 80 लाख रुपये बढ़ी नगर पालिका की सालाना आय
शहर का दायरा बढ़ने से नगर पालिका की आय में भी इजाफा हुआ है। शहर में दो श्रेणी में जल और गृहकर वसूला जाता है। इसमें प्रथम पॉश इलाकों में तकरीबन 1200 रुपये प्रति भवन प्रति वर्ष के हिसाब से कर लिया जाता है। जबकि अन्य मोहल्लों में करीब 800 रुपये प्रति वर्ष कर तय है। इससे जो नए भवन नगर पालिका के रिकॉर्ड में दर्ज हुए हैं, उनसे करीब 80 लाख रुपये की अतिरिक्त आय होगी।
तीन वर्ष पहले पंजीकृत भवन 24 हजार ही थे, बहुत से भवन बने तो थे, लेकिन उनका पंजीकरण न होने के कारण कर वसूली नहीं हो पा रही थी। सर्वे कराकर सभी छूटे हुए और नए बने भवनों को पंजीकरण कराया गया है। अब पालिका के रिकॉर्ड में 32 हजार से अधिक पंजीकरण है, जिनका जल व गृहकर प्रतिवर्ष वसूला जा रहा है। इसके लिए बीच-बीच में शिविर भी लगाए जाते हैं। नए क्षेत्रों में सुविधाएं मुहैय्या कराए जाने को लेकर भी काम हो रहा है।
-डॉ. इरा श्रीवास्तव, पालिका अध्यक्ष लखीमपुर
शास्त्रीनगर के कुछ हिस्से में बांस पर झूलते तार। संवाद
शास्त्रीनगर के कुछ हिस्से में बांस पर झूलते तार। संवाद