- विशेष सचिव के दौरे में सीडीपीओ और सुपरवाइजरों पर कार्रवाई
विशेष सचिव (ग्राम्य विकास) हीरालाल के दो दिवसीय दौरे में सबसे ज्यादा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के नौ कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है। इनमें सात सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। जबकि एक आंगनबाड़ी वर्कर को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है।
निरीक्षण में सबसे ज्यादा जोर हौसला पोषण मिशन के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर संचालित योजना पर रहा, जिसमें कई अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेंद्र दुबे के मुताबिक पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चे का संज्ञान न लेने पर मितौली की सीडीपीओ शारदा देवी, शासनादेश की जानकारी न होने और लचर कार्यशैली के चलते लखीमपुर की प्रभारी सीडीपीओ सुमनलता, योजना की जानकारी न रखने और विलंब से आने पर निघासन की सीडीपीओ ऊषा अग्निहोत्री को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इसी तरह बेहजम की सुपरवाइजर गायत्री दाराप्रिय और किरन मिश्रा, लखीमपुर की सुपरवाइजर दीपा वर्मा को आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में लापरवाही बरतने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। शहर परियोजना की सुपरवाइजर नागमणि मिश्रा और अंजूलता को शासनादेश न पढ़ने एवं कार्यों में लापरवाही बरतने के कारण इन्हें भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इसके अलावा नकहा ब्लाक के ढखिया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की वर्कर सरोज कुमारी को सेवा समाप्ति की नोटिस दी गई है। इन पर आरोप है कि गांव को गोद लिए अधिकारी ने जितनी बार दौरा किया, तब केंद्र बंद मिला। इससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।