लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग के 242 परिषदीय स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में तब्दील किया जा चुका है, लेकिन इनमें बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने के लिए शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा सकी है। इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती से लेकर अन्य सुविधाओं तक का टोटा बना हुआ है। इससे गरीब बच्चों का अंग्रेजी शिक्षा का सपना अधूरा ही है। सितंबर में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू कराया गया, जिसमें 939 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। इंटरव्यू के 10 दिन बीतने के बावजूद शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जा सकी है। कब तक इंटरव्यू का रिजल्ट घोषित करेंगे? इसका जवाब अफसर नहीं दे रहे हैं।
अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 15 सितंबर 2019 को लिखित परीक्षा होनी थी, लेकिन इसमें परिवर्तन करके 17 सितंबर को लिखित परीक्षा कराई गई। इसके बाद लिखित परीक्षा देने वाले शिक्षकों का इंटरव्यू 23 सितंबर से 25 सितंबर 2019 तक डायट में लिया गया। 50-50 नंबर का इंटरव्यू होने से शिक्षकों में भी तरह-तरह की चर्चाएं थीं। क्योंकि इंटरव्यू के बाद मेरिट के आधार पर शिक्षकों से काउंसलिंग में स्कूलों के विकल्प भराए जाने हैं। 10 दिन का समय बीत चुका है। जबकि शिक्षा सत्र का आधा सत्र बीत चुका है। ऐसे में गरीब परिवार के बच्चे अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई का ककहरा भी नहीं सीख पाए हैं। लिखित परीक्षा और इंटरव्यू होने के बाद भी अनिश्चितता बनी हुई है। अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं, लेकिन अफसर बेफिक्र हैं। वहीं परीक्षा और इंटरव्यू दे चुके शिक्षकों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
शासन के निर्देशानुसार पारदर्शिता से नियुक्ति प्रक्रिया कराई जा रही है। लिखित परीक्षा और इंटरव्यू का रिजल्ट अभी जारी नहीं किया जा सका है। कब तक जारी होगा? अभी इसके बारे में कुछ कह नहीं सकते हैं। कुछ दिन और समय लग सकता है। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में सफल होने वाले शिक्षकों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा। तभी स्कूलों के विकल्प भराए जाएंगे। -बुद्धप्रिय सिंह, बीएसए