लखीमपुर खीरी। जिले में संचालित हो रहे राजकीय इंटर कॉलेजों की शैक्षिक गुणवत्ता को परखने के लिए शासन स्तर पर तैयारी शुरू हाे गईं हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से बोर्ड परीक्षा से मॉनीटरिंग की जाती है, ठीक उसी तर्ज पर निगरानी की जाएगी। पहले चरण में राजकीय इंटर कॉलेजों की निगरानी की जाएगी, इसके बाद वित्तविहीन और सहायता प्राप्त विद्यालयों में भी यह नियम लागू किया जाएगा। फिलहाल जल्द नियम जिले में लागू करने की बात कही जा रही है।
बोर्ड परीक्षाओं में केंद्रों की मानीटरिंग के लिए डीआईओएस कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया जाता था। कंट्रोल रूम से सभी केंद्राें की 24 घंटे निगरानी की जाती थी। जिले के सभी कैमरे लखनऊ के कंट्रोल रूम से जुड़े जाते हैं जहां पर बैठे अधिकारी किसी भी समय केंद्रों का हाल जान लेते थे। इसी प्रकार अब स्कूलों में होने वाली पढ़ाई की भी मॉनीटरिंग कराने की योजना बनाई जा रही है। इसको लेकर बाकायदा मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ल ने अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए हैं।
पहले चरण में राजकीय स्कूलों में पठन-पाठन की निगरानी की जाएगी। इसके बाद अन्य सभी स्कूलों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। निगरानी के लिए मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक के कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। जहां से जिले के कंट्रोल रूम को जोड़ा जाएगा। जारी आदेश में जेडी का कहना था कि स्कूलों में पूरे साल पढ़ाई-लिखाई के माहौल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह लागू किया जाएगा। अभी प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशाम्बी और फतेहपुर में इसका ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद यह जिले में लागू होगा। डीआईओएस डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस संबंध में अभी तक उनके पास कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसा किया जाता है तो तैयारियां पूरी हैं। जब अधिकारियों का आदेश होगा, पालन किया जाएगा।