लखीमपुर खीरी में चल रहे मदरसों की जांच पूरी हो गई है। इसमें 252 मदरसे मान्यता प्राप्त चलते मिले तो 200 बिना मान्यता के संचालित होते मिले। हालांकि दोनों तरह के मदरसों में तमाम खामियां मिली हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का कहना है कि जांच पूरी हो गई है। अब इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
योगी सरकार के निर्देश पर जिले में चल रहे मदरसों की जांच के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। इसमें जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सहित तहसील स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी और एसडीएम को शामिल किया गया था। करीब एक माह तक चली जांच में जिले में बिना मान्यता के 200 मदरसों का संचालन होना सामने आया है, जबकि 252 मदरसे मान्यता के तहत चलते मिले। वहीं मान्यता एवं बगैर मान्यता के चल रहे मदरसों में तमाम तरह की गड़बड़ी भी सामने आई हैं। अधिकारियों का कहना है जल्द ही यह जांच रिपोर्ट डीएम साहब को सौंप दी जाएगी।
इन बिंदुओं पर हुआ सर्वे
सर्वे में मदरसे का नाम, मदरसे का संचालन करने वाली समिति का नाम, स्थापना वर्ष, मदरसे की अवस्थिति का संपूर्ण विवरण (निजी अथवा किराये का भवन), क्या मदरसे का भवन छात्र व छात्राओं के लिए उपयुक्त है, मदरसे में अध्ययनरत छात्र व छात्राओं की कुल संख्या, कुल शिक्षकों की संख्या,लागू पाठयक्रम, आय स्त्रोत, क्या इन मदरसों में पढ़ रहे छात्र किसी अन्य विद्यालय में नामांकित है और क्या किसी गैर सरकार व समूह से मदरसों की समयबद्धता को लेकर सर्वे किया गया।
जिले में मदरसों का सर्वे पूरा हो गया है। जांच में कुल 200 मदरसे बिना मान्यता के जिले में संचालित होते मिले, जबकि 252 मान्यता प्राप्त हैं। पड़ताल में इन दोनो तरह के मदरसों में तमाम गड़बड़ियां भी सामने आई हैं।
-वीरपाल, प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी