लखीमपुर खीरी। करीब 11 माह बाद स्कूलों में बुधवार से कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई शुरू हो गई। कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत पहले दिन हर क्लास में 50 प्रतिशत छात्रों को ही बुलाया गया। बावजूद इसके उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 20 से 25 प्रतिशत तो वहीं निजी स्कूलों में करीब 60 प्रतिशत छात्र छात्राएं पढ़ाई करने के लिए पहुंचे। एक लंबे अंतराल बाद स्कूल पहुंचे छात्रों को सारा माहौल बदला सा मिला। छात्र छात्राओं को न तो सहपाठियों के साथ बैठने को मिला और उनके साथ खेलने को।
सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज में स्कूल खुलने की खुशी में बेहतरीन इंतजाम किए गए थे। विद्यालय को गुब्बारों से सजाया गया। स्कूल पहुंची छात्राओं के गेट पर हाथ सैनिटाइज कराए गए। इसके बाद टीका किया गया। प्रधानाचार्य शिप्रा बाजपेई ने प्रार्थना सभा के दौरान छात्राओं को कोरोना से बचाव के बारे में जानकारी दी।
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मैलानी: पहले दिन कक्षा आठ के 87 विद्यार्थी पहुंचे स्कूल
मैलानी। कोरोना काल में बुधवार से स्कूल तो खुल गए। मगर, पहले दिन छात्रों की संख्या बेहद कम रही। तीन स्कूलों में 87 बच्चे ही पहुंचे। एलबीएस इंटर कॉलेज के कक्षा आठ के क्लास टीचर पुनीत श्रीवास्तव ने बताया कि पहले दिन 70 छात्र ही पढ़ने के लिए आए। अमर शहीद पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक श्वेता सक्सेना ने बताया कि 23 में 10 बच्चे उपस्थित रहे। पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय के प्रधानाचार्य राम कृपाल मिश्रा ने बताया कि 29 में सात बच्चे ही स्कूल आए। संवाद
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मिड डे मील पाकर खिले छात्रों के चेहरे
मैलानी। परिषदीय स्कूल में कक्षा छह से आठ तक के छात्रों को पहले दिन मिड डे मील में तहरी दी गई। .
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गोला: स्कूल तो खुले लेकिन कम रही छात्रों की संख्या
गोला गोकर्णनाथ। कोरोना महामारी के चलते मार्च 2020 से बंद उच्च प्राथमिक स्कूल एवं जूनियर कक्षाएं 10 फरवरी से संचालित तो हो गईं किंतु अब भी अभिभावकों को अपने बच्चों की चिंता है, जिससे स्कूल खुलने पर भी छात्रों की संख्या कम रही।
कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर जहां स्कूल प्रबंधकों ने कोरोना गाइडलाइन का पालन कराते हुए सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं। पहले दिन बुधवार को खुले उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विभागीय निर्देशों के अनुसार कक्षा आठ के विद्यार्थियों को बुलाया गया जिनकी संख्या 25 से 30% ही रही। नगर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, चिल्ड्रेंस एकेडमी, राजेंद्र गिरि मेमोरियल एकेडमी, शारदे ज्ञान मंदिर, श्री दुर्गा विद्या मंदिर सहित विभिन्न विद्यालयों में बुधवार को काफी रौनक दिखी। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजकुमार कनौजिया ने विद्यार्थियों को कोरोना से बचाव की जानकारी देते हुए मास्क भी वितरित किए।
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मूड़ा सवारान: परिषदीय स्कूलों में रही अव्यवस्था
मूड़ा सवारान। ब्लॉक बिजुआ के उच्च प्राथमिक विद्यालय भदेड़ में कक्षा आठ में नामांकित 93 के सापेक्ष तीन बच्चे ही पढ़ने आए। प्रधानाध्यापक बाबूराम ने बताया कि पहला दिन होने के कारण व्यवस्था सही नहीं हो पाई। धीरे-धीरे सुधार कर लिया जाएगा। उच्च प्राथमिक विद्यालय सहसपुर में 54 बच्चों के सापेक्ष पांच ही पढ़ने आए। प्रधानाध्यापक धर्मेश भारती विद्यालय में मौजूद नहीं मिले। ब्लॉक बांकेगंज के उच्च प्राथमिक विद्यालय भटपुरवा में कक्षा आठ में 39 के सापेक्ष 12 बच्चे बिना मास्क बैठे मिले। प्रधानाध्यापक वीरेंद्र कुमार भी स्कूल में मौजूद नहीं मिले। संवाद
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विद्यार्थी बोले- अच्छा लगा आकर स्कूल
ऑन लाइन पढ़ाई के दौरान तमाम दिक्कतें होती थी। इसलिए स्कूल खुलना जरूरी था। काफी दिन बाद स्कूल आने पर बहुत अच्छा लगा। मगर, कोरोना के कारण बंदिशें मुसीबत बनी रहीं।
-श्रेयसी त्रिवेदी, सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज राजापुर
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मम्मी पापा की सहमति से स्कूल आए हैं। बेहतर ढ़ंग से पढ़ने के लिए स्कूल खुलना जरूरी था। अब पढ़ाई अच्छी तरह से हो सकेगी। सहेलियों से भी रोज मुलाकात होगी।
-हेमारानी सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज फत्तेपुर सैधरी
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मैलानी। पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय की कक्षा आठ की छात्रा स्नेहा कुमारी ने बताया कि पूरे साल पढ़ाई चौपट रही। घर पर पढ़ाई नहीं हो पाती। स्कूल आकर बहुत अच्छा लगा।
छात्रा शिवानी कुमारी ने बताया कि स्कूल न खुलने से सहेलियों की याद आती थी। अब विद्यालय खुल गया है पढ़ाई भी होगी और सहेलियां से भी मिलना होगा।
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स्कूलों में रहे कोरोना बचाव के पुख्ता इंतजाम
कोरोना के कारण शिक्षा व्यवस्था बेपटरी रही। करीब 11 माह बाद छह से आठवीं की कक्षाएं संचालित हो गई। बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में पुख्ता तैयारियां की गई। अभिभावक भी स्कूलों का सहयोग करें।
- शैलेंद्र सक्सेना प्रांतीय महामंत्री विद्यालय प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य कल्याण समिति।
लखीमपुर सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज में पहले दिन स्कूल पहुंची छात्राओं का हुआ टीका- फोटो : LAKHIMPUR