लखीमपुर खीरी। कड़कड़ाती ठंड के बावजूद जनपद के परिषदीय विद्यालयों में इस वर्ष 11 हजार से अधिक बच्चों को स्वेटर नहीं मिल पाए हैं। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने बताया कि कोरोना काल में पिछले वर्ष की छात्र संख्या के आधार पर स्वेटर की सप्लाई की गई है, जबकि इस वर्ष छात्रों की संख्या बढ़ी है। वहीं जूते की सप्लाई कुल 15 ब्लॉकों के सापेक्ष सिर्फ तीन ब्लॉकों में ही पहुंची है, लेकिन मोजे यहां भी नहीं पहुंचे हैं। विभाग के मुताबिक 25 जनवरी 2021 तक जूते-मोजे की आपूर्ति सभी ब्लॉकों में की जानी है।
बीएसए के मुताबिक शिक्षा सत्र 2020-21 में नए प्रवेश के बाद कुल 5,38,241 छात्र संख्या हो गई है, लेकिन स्वेटरों की आपूर्ति पिछले सत्र की छात्र संख्या 5,27,160 के हिसाब से की गई है। इससे 11,081 बच्चों को स्वेटर नहीं मिल पाए हैं। इस शिक्षा सत्र में शिक्षा से वंचित बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए 16,562 का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष शारदा कार्यक्रम के माध्यम से 18836 बच्चों के नए प्रवेश किए गए हैं। कोरोना संक्रमण के चलते इस शिक्षा सत्र में अब तक एक दिन भी कक्षाएं संचालित नहीं हो पाई हैं, जिससे स्वेटरों का वितरण भी बच्चों को विद्यालय में बुलाकर कराने की बात विभागीय अधिकारी कह रहे हैं। दावा है कि 5,27,160 बच्चों को स्वेटर वितरित किए गए हैं। पुरानी छात्र संख्या के आधार पर स्वेटरों की आपूर्ति का आर्डर दिया गया था, जिससे कोरोना काल में प्रवेश पाए बच्चे पहले साल ही स्वेटर से वंचित रह गए हैं। अब विभाग के पास उन्हें स्वेटर वितरण की कोई योजना भी नहीं है।
कोरोना के कारण जूते-मोजा की आपूर्ति में देरी
परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को अभी जूते-मोजा नहीं मिल पाए हैं। बताते हैं कि कोरोना संक्रमण के चलते इस बार कंपनियों से जूते की आपूर्ति में देरी हो रही है। अब तक तीन ब्लॉकों निघासन, पसगवां और रमियाबेहड़ ब्लॉक में जूते पहुंचे हैं, लेकिन मोजा नहीं मिले हैं। अन्य 12 ब्लॉकों में भी 25 जनवरी 2021 तक जूते-मोजा की आपूर्ति पहुंचने की बात कही जा रही है।
सभी विद्यालयों के बच्चों को स्वेटर बांटे जा चुके हैं। इस वर्ष नए प्रवेश लेने वाले बच्चों को स्वेटर नहीं मिल पाए हैं। जूते की आपूर्ति ब्लॉकों में बीआरसी पर पहुंचने लगी है। 25 जनवरी 2021 तक सभी विद्यालयों तक जूते-मोजे की आपूर्ति पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। कोरोना संक्रमण के चलते विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन नहीं हो पाया है, लेकिन कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए बच्चों को विद्यालय में बुलाकर स्वेटरों का वितरण कराया गया है। ऐसे ही जूते-मोजे वितरित किए जाएंगे।
-बुद्धप्रिय सिंह, बीएसए