लखीमपुर खीरी। एक परिसर में संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का संविलयन किए जाने के बाद नाम को लेकर जारी गतिरोध को दूर करते हुए शिक्षा निदेशक ने उच्च प्राथमिक विद्यालय नाम निर्धारित कर दिया है। साथ ही नए बच्चों की प्रवेश संख्या को लेकर भ्रम की स्थिति को दूर किया है, जिसमें संयुक्त प्रवेश पंजिका में नाम दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का संविलयन किया गया है। इनमें विभागीय कामकाज को लेकर शिक्षकों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी, जिसको लेकर कुछ शिक्षकों ने मार्गदर्शन मांगा था। वर्ष 2020-21 के सत्र में कोरोना काल के चलते कई महीने विद्यालय बंद रहे। शिक्षा निदेशक ने नवीन संयुक्त छात्र प्रवेश पंजिका तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें कक्षा एक से आठ तक में नए प्रवेश लेने वाले बच्चों के नाम दर्ज किए जाएंगे। संविलयन विद्यालयों में से सबसे अधिक संख्या वाली छात्र प्रवेश संख्या से आगे की प्रवेश संख्या आवंटित की जाएगी।
बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने उदाहरण के तौर बताया कि प्राथमिक विद्यालय की अंतिम प्रवेश संख्या 2500 है और उच्च प्राथमिक विद्यालय की अंतिम प्रवेश संख्या 750 है, तो ऐसी स्थिति में यदि कोई छात्र/छात्रा कक्षा एक से आठ तक किसी कक्षा में नया प्रवेश लेता है, तो उसकी प्रविष्टि संयुक्त प्रवेश पंजिका में प्रवेश संख्या 2501 पर दर्ज की जाएगी। ऐसे ही कुछ विद्यालयों के नाम में भिन्नता को लेकर भी शिक्षा निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि उच्च प्राथमिक विद्यालयों के नाम कहीं पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय, तो कहीं जूनियर हाईस्कूल लिखा जा रहा है, जिसके बारे में कहा है कि केवल उच्च प्राथमिक विद्यालय लिखा जाए। बीएसए ने बताया कि नए दिशा-निर्देशों का अनुपालन कराने के निर्देश सभी बीईओ को दिए गए हैं।