लखीमपुर खीरी। यूपी बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए एक अच्छी खबर है। इस बार उन्हें 2021 में होने वाली बोर्ड परीक्षा को लेकर ज्यादा मेहनत नहीं करनी होगी। पढ़ाई को लेकर कोरोना काल में होने वाली दिक्कतों को लेकर शासन ने एक बार फिर से कोर्स में 15 प्रतिशत तक कटौती करने को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। जिससे छात्रों में ख़ुशी की लहर है।
जुलाई महीने में 30 प्रतिशत कोर्स पहले ही कम किया जा चुका है। ऐसे में यदि 15 प्रतिशत कोर्स में और कटौती होती है, तो इससे छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने में आसानी रहेगी। कोरोना ने आम जनजीवन प्रभावित करने के साथ छात्र छात्राओं की पढ़ाई भी चौपट करके रख दी है। आठ माह तक स्कूूल बंद रहे हैं। इस दौरान ऑनलाइन पढ़ाई होती रही, लेकिन मोबाइल और नेटवर्क न होने के कारण तमाम छात्र इससे वंचित रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत गांव में रहने वाले छात्रों को हुई, क्योंकि शहर की अपेक्षा गांव में नेटवर्क की स्थित सबसे खराब रहती है। एंड्रायड मोबाइल, रिचार्ज और चार्जिंग आदि सुविधाओं की भी गांवों में कमी है। ऐेसे में यदि कोर्स 15 प्रतिशत और कम होता है तो छात्रों को अगले साल होने वाली बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने में बेहद आसानी रहेगी। वहीं कोर्स कम होने की कवायद की जानकारी लगने पर छात्रों ने ख़ुशी जाहिर की है।
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नवंबर में स्कूल तो खुल गए, लेकिन क्लास में छात्रों की संख्या अभी भी कम रहती है। ऐसे में कोर्स में और कटौती होना छात्रों के हित में होगा। इससे छात्र परीक्षा की तैयारी अच्छी तरह से कर सकेंगे।
-शिप्रा बाजपेई, प्रधानाचार्य सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज
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कोर्स और कम हो जाने से छात्रों को फायदा मिलेगा। जिस तरह की पढ़ाई होनी चाहिए थी कोरोना काल में उस तरह नहीं हो सकी। परीक्षा की तैयारी करने में छात्रों को आसानी रहेगी।
- डॉ. मीनाक्षी तिवारी, प्रधानाचार्य गुरुनानक कन्या इंटर कॉलेज
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कोरोना काल में पढ़ाई बाधित रही है। मोबाइल और नेटवर्क को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रभावित रही। ऐसे में कोर्स में और कटौती करने से शिक्षक और छात्रों को राहत मिलेगी।
- विनोद कुमार, प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज धौरहरा
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एक तो कोरोना काल में विधिवत पढ़ाई नहीं हो सकी, दूसरे करीब आ रही बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्र बेहद तनाव में है। ऐसे में यदि कोर्स और कम होता है तो यह छात्रों को मानसिक सुकून देना वाला कदम होगा।
- डॉ. अखिलेश शुक्ला, मनोचिकित्सक जिला अस्पताल
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कोविड के कारण पठन पाठन प्रभावित रहा। बोर्ड परीक्षा के लिए भी अब समय कम है। कोर्स यदि और कम होता है तो पेपर की तैयारी बेहतर ढ़ंग से हो सकेगी।
- दृष्टि शुक्ला, कक्षा 12 विज्ञान वर्ग (जीवविज्ञान)
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स्कूल बंद के दौरान ऑन लाइन पढ़ाई होती रही, लेकिन क्लास रूम की पढ़ाई ज्यादा समझ में आती है। सरकार यदि कोर्स और कम करती है तो यह छात्रों के लिए हितकारी होगा।
-कनक गुप्ता, कक्षा-10