लखीमपुर खीरी। परीक्षा केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी में कमजोर नेटवर्क मुसीबत न बने। इसलिए परीक्षा केंद्र बनने वाले कॉलेज के प्रधानाचार्यों को हाईस्पीड़ इंटरनेट का कनेक्शन लेना होगा, जिससे डीआईओएस कार्यालय के कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्र पर होने वाली गतिविधियों पर बिना किसी रुकावट के नजर रखी जा सके। इस संबंध में बोर्ड ने डीआईओएस को निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए ऑनलाइन निगरानी की पहल शुरू की। इसके लिए डीआईओएस कार्यालय पर कंट्रोल रूम बनाकर पिछले साल परीक्षा केंद्र से लेकर कमरों की निगरानी की गई। मगर, कंट्रोल रूम से निगरानी के दौरान जिले की खराब नेटवर्किंग से तमाम दिक्कतें हुई थी। नेटवर्क न आने के कारण दिन में कई कई बार कंट्रोल रूम के मॉनिटरिंग उपकरण शोपीस बन जाते या फिर जिस परीक्षा केंद्र को देखना होता था, उसका लिंक खुलने में काफी समय लग जाता। गत वर्ष नेटवर्क को लेकर आई दिक्कतों को देखते हुए बोर्ड ने इस बार केंद्रों पर हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन लेने और सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, जिससे कैमरे की रिकार्डिंग कम से कम एक माह तक सुरक्षित रह सके। साथ ही निगरानी में बिजली न बाधक बने इसलिए जनरेटर की व्यवस्था करनी होगी।
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परीक्षा केंद्रों पर हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन लेने के लिए प्रधानाचार्यों को निर्देशित कर दिया है। विद्युत आपूर्ति के लिए जनरेटर लगवाने का कहा है, जिससे परीक्षा के समय निगरानी में कोई दिक्कत न हो।
-हयात अली अंसारी, प्रभारी डीआईओएस