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आज से खुलेंगे विद्यालय पर 70 फीसदी अभिभावक सहमत नहीं

Mon, 19 Oct 2020 02:22 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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एक निजी स्कूल में कक्षा को सेनिटाइज करता कर्मचारी और विद्यार्थियों के बैठने के लिए की गई व्यवस्थ? - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। कोरोनाकाल में सोमवार को विद्यालय खुल रहे हैं। फिलहाल कक्षा नौ से 12 तक के ही वही छात्र-छात्राएं स्कूल आ सकेंगे, जिनके माता पिता ने कॉलेज को सहमति पत्र भेजे हैं। यहां बता दें कि 70 फीसदी अभिभावक स्कूल खुलने के पक्ष में नहीं हैं।
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इधर, शासन ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर गाइड लाइन भी जारी की है। इसका हर हाल में स्कूल प्रबंधन को पालन करना होगा, अन्यथा संक्रामक रोग नियंत्रण एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। स्कूल खुलने पर शासनादेश का पालन कराने के लिए जेडी सुरेंद्र कुमार तिवारी ने रविवार को ही जिले में डेरा डाल दिया।
कोरोना संक्रमण को लेकर पिछले सात माह से बंद समस्त बोर्ड के विद्यालयों में कक्षा नौ से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं सोमवार से शुरू हो जाएंगी। शासन ने अभिभावकों की सहमति से ही छात्रों को स्कूल बुलाकर पढ़ाने के साथ ऑन लाइन पढ़ाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। सोमवार से खुल रहे स्कूलों को लेकर राजकीय, माध्यमिक सहित वित्तविहीन विद्यालयों में रविवार को दिनभर तैयारियां होती रहीं। स्कूल को सैनिटाइज कराने के साथ हैंडवॉश, मास्क, थर्मल स्कैनिंग आदि के इंतजाम किए गए।
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जीआईसी में हो रही कोरोना जांच, बनी मुसीबत
सोमवार से स्कूल खुलने का फरमान होने के बावजूद जिला प्रशासन ने कोरोना जांच केंद्र कॉलेज से नहीं हटाया, जो अब विभागीय लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। इनका कहना है कि रविवार को भी जांच होती रही। सोमवार से विद्यालय खुलने पर छात्र आएंगे, जिन्हें उस तरफ जाने से रोक पाना संभव नहीं होगा। विभागीय लोगों का कहना है कि शिविर में आने वाले कई लोग संक्रमित भी मिले हैं। ऐसी स्थिति में करीब सात दिन बाद स्कूल खुलना चाहिए। इन सात दिनों में परिसर को कई बार सैनिटाइज कराने की आवश्यकता है। हालांकि विभागीय लोगों ने इस मामले से निदेशक को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है।
एपेडेमिक एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
सोमवार से खुल रहे स्कूलों में कोविड-19 से बचाव को लेकर जारी दिशा निर्देशों को पालन कराने के लिए शासन ने डीआईओएस को सख्त चेतावनी जारी की है। कहा गया है कि स्कूल खुलने पर शासनादेश का उल्लंघन एवं लापरवाही मिलने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कोविड-19 एपेडेमिक एक्ट-1897 के तहत कार्रवाई होगी।
बच्चों को स्कूल भेजने को 70 फीसदी अभिभावक सहमत नहीं
शासन के निर्देश पर भले ही सोमवार से स्कूल खुल रहे हैं। मगर, कोरोना काल में 70 प्रतिशत अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं है। इसका खुलासा शासन के निर्देश पर प्रधानाचार्यों से भरवाए गए सहमति प्रपत्र से हुआ है। डीआईओएस का कहना है कि जिले में माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 9 से 12 में 1,63,413 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिसमें से केवल 48136 अभिभावकों ने छात्रों को स्कूल भेजने के लिए सहमति पत्र प्रधानाचार्यों को दिए हैं।
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कक्षा, पंजीकृत छात्र, मिली सहमति
नौ 46195 8266
10 49055 11370
11 35771 14102
12 38392 14398
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जिले में माध्यमिक स्कूलों की संख्या-287
सीबीएसई बोर्ड के विद्यालय-40
अन्य बोर्ड के स्कूल- 25
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स्कूलों का समय
कक्षा नौ एवं दस- 8:50 से 11:50
कक्षा 11 एवं 12- 12:20 से 03:20
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स्कूलों के लिए शासन की गाइड लाइन
1. खुलने से पहले विद्यालय को सैनिटाइज कराने के साथ पढ़ाई के दौरान रोजाना भी सैनिटाइज कराना होगा।
2. स्कूलों में हैंडवाश, सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर सहित प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होगी।
3. छात्र और शिक्षक हाथ धोने एवं सैनिटाइज करने के बाद ही कॉलेज आ सकेंगे।
4. कक्षा में बैठने के साथ स्कूल आने व छुट्टी होने पर जाते समय सामाजिक दूरी का पालन कराना होगा।
5. वाहनों को उपयोग में लाने पर सामाजिक दूरी का पालन और रोजाना सैनिटाइज कराना होगा।
6. ऑन लाइन पढ़ाई जारी रहेगी। छात्रों को विद्यालय आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
7. पढ़ाई के लिए सिर्फ 50 प्रतिशत छात्र ही बुलाए जाएंगे।
8. बच्चों के स्कूल आने के लिए अभिभावकों की सहमति जरूरी होगी।
9. छात्रों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक करना होगा।
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सभी प्रधानाचार्यों को कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करने के लिए निर्देशित कर दिया है। कई विद्यालयों का भौतिक सत्यापन किया है। लापरवाही मिलने पर प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे।
-हयात अली अंसारी डीआईओएस
कमरों के साथ विद्यालय परिसर सैनिटाइज करा दिया है। जिनके अभिभावक सहमत हैं उन्हीं छात्रों को स्कूल आने की अनुमति मिलेगी।
-डॉ. आरके आर्य, प्रधानाचार्य जीआईसी
शासनादेश का पूरी तरह से पालन होगा। विद्यालय परिसर सैनिटाइज कराने के साथ सोमवार सुबह फिर से कराएंगे। स्टाफ और छात्रों को स्कूल में मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
-रघुवीर सिंह यादव, जिलाध्यक्ष स्ववित्त पोषित विद्यालय प्रबंधक संघ
स्टाफ व बच्चों की सुरक्षा के लिए गेट पर सैनिटाइजेशन टनल लगा है। छात्रों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए ही कक्षा में बैठाया जाएगा। स्कूल वाहन नहीं चलेंगे।
-जसमीत अजमानी, सचिव, इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन
सोमवार से स्कूल खुल रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन को कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करना होगा। जीआईसी में कोरोना जांच केंद्र होने की न तो जानकारी है और न ही किसी ने बताया। डीआईओएस और प्रधानाचार्य अपने स्तर से निर्णय लें।
-सुरेंद्र कुमार तिवारी, संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक
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गोला: स्कूलों में व्यवस्थाओं को दिया गया अंतिम रूप
गोला गोकर्णनाथ। प्रधानाचार्यों ने अपनी निगरानी में क्लासरूम, प्रांगण, परिसर की सैनिटाइज करा कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कीं। नगर के कृषक समाज, पब्लिक इंटर कॉलेज, लाल बहादुर शास्त्री स्मारक इंटर कॉलेज, सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, गोला पब्लिक इंटर कॉलेज, श्री राजेंद्र गिरी मेमोरियल एकेडमी, गुरुनानक कन्या इंटर कॉलेज सहित माध्यमिक स्कूलों में रविवार को सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।
कोविड-19 ने सबसे ज्यादा प्रभाव शिक्षा जगत पर ही डाला है। ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों तक पहुंच रही थी, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों से यह कोसों दूर थी। सरकार व जिला प्रशासन ने कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों के विद्यालय खोलने का निर्णय किया है। अभिभावकों से आशा है कि वे अपने पाल्यों को व्यक्तिगत वाहनों से भेजेंगे, उन्हें गाइड लाइन का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। सभी विद्यार्थी अपनी कक्षा में मास्क लगाकर उचित दूरी बनाकर बैठें और पढ़ें। लंच बॉक्स लेकर न लाएं और किसी भी वस्तु का आपस में आदान-प्रदान न करें।
-आलोक मिश्र, प्रधानाचार्य श्री राजेंद्र गिरि मेमोरियल एकेडमी
कॉलेज में समुचित सफाई एवं स्वच्छता की सुविधाओं को पूर्ण करा लिया गया है। विभिन्न कार्य दलों का गठन कर शिक्षकों को उत्तरदायित्व सौंप दिया गया है। विद्यार्थियों को कोविड-19 से बचाव के लिए निर्देश वाले फ्लेक्सी परिसर के अंदर और गेट पर लगा दी गईं हैं। विद्यार्थियों, स्टाफ के सुरक्षित आगमन और प्रस्थान के लिए व्यवस्था के तहत लखीमपुर रोड स्थित मुख्य द्वार तथा अलीगंज रोड स्थित डाकघर के सामने वाले द्वार से छात्रों का आवागमन होगा। छात्राओं का आवागमन बालिका विभाग के मुख्य द्वार से होगा। तीनों गेट पर आने वाले छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। प्रत्येक विद्यार्थी को प्रवेश के लिए अभिभावक का सहमति पत्र लाना अनिवार्य होगा।
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-डॉ. लखपत राम वर्मा, प्रधानाचार्य, कृषक समाज इंटर कॉलेज
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