लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती का मामला साल भर अधर में लटका रहा। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार प्रक्रिया कराने के बाद भी शिक्षकों की तैनाती अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में नहीं की जा सकी। जबकि चयन प्रक्रिया पर लाखों रुपये पानी की तरह खर्च किए गए। फिर भी नतीजा ढाक के तीन पात वाला ही रहा। बच्चों को अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में उनके हाल पर ही छोड़ दिया गया, जबकि शिक्षा सत्र में मुश्किल से दो माह बचे हैं।
जनपद के 242 परिषदीय स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम स्कूल में तब्दील किया जा चुका है, लेकिन इनमें बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने के लिए शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा सकी है। इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती से लेकर अन्य सुविधाओं का टोटा बना हुआ है। इससे गरीब बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा मिलने का सपना अधूरा ही है। सितंबर 2019 में शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू कराया गया, जिसमें 939 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया था। दो माह बीतने के बावजूद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं अभिभावक भी बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
शासन ने तबादलों पर रोक लगा रखी हैं, जिससे अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में तैनाती को लेकर तकनीकी पेंच फंसा है। इसके लिए शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में सफल होने वाले शिक्षकों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा। तभी स्कूलों के विकल्प भराए जाएंगे।
बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए