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छात्रों के साथ शिक्षकों और अभिभावकों को भी नसीहत दे गए डिप्टी सीएम

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लखीमपुर खीरी। डिप्टी सीएम एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने कहा कि शिशु मंदिर में छात्रों को संस्कारयुक्त शिक्षा दी जाती है। उन्होंने अभिभावकों को प्रेरणा दी कि छात्रों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए घर का माहौल अच्छा रखें। वहीं शिक्षकों को भी नसीहत दी।
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डिप्टी सीएम सोमवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम और सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज के संयुक्त मेधावी छात्र अलंकरण समारोह और वार्षिकोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने मां सरस्वती का पूजन कर समारोह की शुरुआत की। छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। अपने 20 मिनट के भाषण में अभिभावकों एवं शिक्षकों को छात्र का भविष्य उज्जवल करने की प्रेरणा देते कहा कि बच्चे का पहला स्कूल घर और गुरु माता-पिता होते हैं। घर का माहौल द्वेषपूर्ण होने से बच्चे भी इससे प्रभावित होंगे। इसलिए घर का माहौल अच्छा रखें। बच्चों पर अपनी इच्छा न थोपकर उनकी रुचि के अनुसार भविष्य निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि बच्चे शिक्षक का अनुकरण करते हैं। इसलिए बच्चों को बड़ा बनने का सपना दिखाएं, जिससे वह उसे साकार करने के लिए पढ़ाई करें। किसी भी सरकार का नाम लिए बिना कहा कि पहले की सरकारों में नकल व्यवसाय बना हुआ था। मगर, योगी सरकार में बोर्ड परीक्षा नकलविहीन हो रही है। पहले जहां यह एक माह तक चलती थी। मगर, 2020 में शुरू हो रही परीक्षाएं 14 दिन में खत्म होंगी। डिप्टी सीएम ने मेधावी आशुतोष गिरि, हर्षित जायसवाल एवं प्रेरणा गुप्ता, प्रतिभा वर्मा को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया। वहीं तीनों विद्यालयों के 87 मेधावियों को सदर विधायक योगश वर्मा, पालिकाध्यक्ष निरूपमा बाजपेई ने सिल्वर मेडल देकर पुरस्कृत किया। छह छात्रों को निरंतर चार साल शति प्रतिशत उपस्थित रहने पर सम्मानित किया गया।

भारतीय संस्कृति जोड़ने और पाश्चात्य संस्कृति सिखाती है बांटना
डिप्टी सीएम ने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार सिखाएं, जिससे उन्हें भारतीय संस्कृति का ज्ञान हो। उन्होंने पाश्चात्य संस्कृति को बांटने और भारतीय संस्कृति को जोड़ने वाला बताया। जन्मदिन पर होने वाले कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि पाश्चात्य संस्कृति में केक पर मोमबत्ती लगाकर पहले जलाते हैं बाद में उसे बुझा देते हैं, जबकि यह गलत है। भारतीय संस्कृति में अलग अलग बूंदी को एकजुट कर लड्डू बनाकर भगवान का भोग लगाया जाता है। उसके बाद बच्चे का टीका होता है और फिर वह बड़ों से आशीर्वाद लेता है। शिक्षकों से कहा कि छात्रों को संस्कारयुक्त शिक्षा दे, जिससे वह विद्यालय जिले और देश का नाम रोशन कर सकें। डिप्टी सीएम ने अभिभावकों से कहा कि दादा दादी और नाना नानी को अपने साथ रखें, क्योंकि उनके द्वारा सुनाई जाने वाली कहानियां बच्चों को संस्कारी बनाती हैं।
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कार्यक्रम में नहीं पहुंचे डीएम, एसपी
मेधावियों को सम्मानित करने के लिए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह एवं एसपी पूनम को बुलाया गया। मगर, मंच पर इनके न पहुंचने के कारण दूसरे लोगों से मेधावियों को सम्मानित कराया गया।

इनकी रही मौजूदगी
जिलाध्यक्ष सुनील सिंह, विधायक सदर योगेश वर्मा, मोहम्मदी के लोकेंद्र प्रताप सिंह, गोला के अरविंद गिरि, श्रीनगर की मंजू त्यागी, पालिकाध्यक्ष निरूपमा बाजपेई, डॉ. इरा श्रीवास्तव, पूर्व जिलाध्यक्ष शरद बाजपेई, डॉ. सतीश कौशल बाजपेई मौनी, रमेश चंद्र मिश्रा, कॉलेज प्रबंधक रवि भूषण साहनी, डॉ. राकेश माथुर, रश्मि बाजपेई, प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, शेषधर द्विवेदी, शिप्रा बाजपेई, क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र, प्रांत प्रचारक कौशल, विद्या भारती के पूर्व अध्यक्ष विजय अग्रवाल आदि।
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