लखीमपुर खीरी। पलिया और मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित दो इको पर्यटन विकास परियोजनाएं स्वीकृति और बजट जारी होने के बाद भी शुरू नहीं हो सकी हैं। दोनों परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये जारी किए जा चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य शुरू होने के बजाय वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की प्रक्रिया भी अब तक शुरू नहीं हुई है। इस पर समीक्षा बैठक में सीडीओ अभिषेक कुमार ने कार्यदायी संस्था से देरी का कारण पूछा और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
विकास भवन सभागार में सोमवार शाम आयोजित समीक्षा बैठक में जिले की विभिन्न पर्यटन विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इसमें सामने आया कि कुछ परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जबकि कुछ स्वीकृति और बजट मिलने के बाद भी शुरू नहीं हो सकीं।
दुधवा नेशनल पार्क में इंटरप्रिटेशन सेंटर के इको पर्यटन विकास कार्य को 14 मार्च, 2026 को स्वीकृति मिली थी। 448 लाख रुपये लागत वाली इस परियोजना के लिए कार्यदायी संस्था को 336 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
इसी तरह मोहम्मदी विधानसभा के महेशपुर रेंज में इको पर्यटन विकास कार्य को 23 मार्च 2026 को स्वीकृति मिली थी। 238 लाख रुपये की इस परियोजना के लिए 176 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं, लेकिन यहां भी निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया।
दोनों परियोजनाओं की जिम्मेदारी राज्य पर्यटन विकास लिमिटेड को सौंपी गई है। चूंकि दोनों कार्य वन क्षेत्र में होने हैं। इसलिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना आवश्यक है, लेकिन कार्यदायी संस्था ने इसकी प्रक्रिया भी अब तक शुरू नहीं की है।