फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल में मरीज बढ़े पर छुट्टी के कारण टरका दिए

Wed, 12 Oct 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
विज्ञापन
अव्यवस्थाएं - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सुबह की ठंड का दिखा असर, फिर टूटा वायरल का कहर
विज्ञापन

दशहरा और मुहर्रम की छुट्टी पर नहीं मिले डॉक्टर, बार्ड ब्वाय और नर्स के सहारे रहे वार्ड
बेकाबू बुखार से लोगों की जान पर बनी हुई है लेकिन डॉक्टर और अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बुधवार को सुबह की ठंड के कारण वायरल का कहर फिर टूटता नजर आया। जिला अस्पताल में सुबह से ही वायरल पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई, लेकिन छुट्टी के कारण उन्हें टरका दिया गया। जाहिर है कि इनमें से कुछ को प्राइवेट डॉक्टरों के पास जाना पड़ा तो कुछ ने मजबूर होकर झोलाछाप डॉक्टरों का भी सहारा लिया होगा। हालांकि, सीएमओ डॉ जावेद अहमद ने फिर यही बात दोहराई है कि टीमें गांव- गांव लगी हैं और बुखार पर उन्होंने नियंत्रण पा लिया है।
मंगलवार को चिल्ड्रन वार्ड में छह बच्चे भर्ती थे, लेकिन बुधवार को सुबह से ही बुखार पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई, लेकिन डॉक्टरों के न होने के कारण अधिकांश तीमारदारों ने मरीज को लेकर निजी अस्पतालों को रूख किया। यही हाल जिला अस्पताल के जनरल वार्ड का भी रहा। मोहर्रम की छुट्टी के कारण सही से इलाज न मिलने के कारण कई मरीज छुट्टी कराकर चले गए तो वायरल पीड़ितों को छुट्टी की बात कहकर टरका दिया गया, जिससे उन्हें बैरंग होना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि रात और सुबह के समय ठंड बढ़ गई है जबकि दिन में तेज धूप की गर्मी होती है। ऐसे में इन दिनों वायरल का प्रकोप बढ़ जाता है। कुल मिलाकर बुखार से दर्जनों मौत होने के बाद भी इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास पुख्ता इंतजाम नहीं है। ऐसे में आम आदमी ‘बेचारा’ बना नजर आ रहा है। 
विज्ञापन

-- 
यह मरीज हुए बैरंग
सुंदरवल निवासी शंकर के चार वर्षीय पुत्र सोनू, भीखमपुर निवासी दीनदयाल की छह वर्षीय पुत्री राखी, मोहम्मदी के बरबर निवासी 22 वर्षीय रजनीत, निघासन के बम्हनपुर निवासी 27 वर्षीय दिनेश, गांव दरी निवासी आठ वर्षीय कमल, ओयल निवासी 25 वर्षीय सीता देवी, कैमहरा निवासी 10 वर्षीय गायत्री, बैकुंठा निवासी 40 वर्षीय जगदेई, भैंठिया निवासी 28 वर्षीय रामकुमार समेत अनेक मरीज वायरल से पीड़ित जिला अस्पताल आए, लेकिन इलाज न मिल पाने के कारण बैरंग हो गए। बाद में इनमें से अधिकतर लोगों ने निजी डॉक्टरों का सहारा लिया।
-- 
डेंगू के लक्षण 
तेज बुखार, तेज बदन दर्द, जोड़ों में दर्द, आंखों के गोले में दर्द, शरीर में दाने/चकत्ते आदि। प्लेटलेट्स एक लाख से कम हो जाएं। 
-- 
मलेरिया के लक्षण 
तेज सर्दी के साथ बुखार आना, सिर व बदन दर्द, भूख न लगना। तीसरे या पांचवे दिन बुखार का आना, बेहद कमजोरी का एहसास होना। यथोचित उपचार होने तक यह बुखार रहता है। 
विज्ञापन

-- 
टॉयफाइड के लक्षण 
सामान्य लेकिन लगातार रहने वाला बुखार, भूख न लगना, चक्कर आना, सिर व बदन दर्द होना। पेट और पीठ दर्द की भी शिकायत होना। 
-- 
वायरल के लक्षण 
तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर टूटना, भूख न लगना, कमजोरी का एहसास होना, तेज पसीना आना। पांच से सात दिन तक रहता है। 
--
मौसम के कारण बुखार का प्रकोप फैला है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें कस्बों और गांवों में भ्रमण कर रही हैं। लोगों का उपचार कर दवाएं दी जा रही हैं। बुखार पर नियंत्रण पा लिया गया है। जिला अस्पताल में कुछ अव्यवस्थाएं हैं तो उनको भी देखा जाएगा। फिलहाल अभी तक ऐसी कोई शिकायत संज्ञान में नहीं आई है।
-डॉ जावेद अहमद, सीएमओ
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें