हरदोई में मामा के मिले छात्र शोभित व संतराम
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फरधान (लखीमपुर खीरी)। संस्कृत आश्रम से लापता होकर छात्र शोभित अपने मामा के यहां साथी संतराम को लेकर चला गया था। संतराम को उसके पापा ने एंड्रॉयड मोबाइल नहीं दिया था, इसलिए नाराज था, जबकि शोभित पढ़ना नहीं चाहता था। इसलिए दोनों छात्र आश्रम से भाग गए थे।
फरधान थाना क्षेत्र के देवकली में संचालित चंद्रकला संस्कृत पीठ के दो छात्र शुक्रवार की सुबह अचानक लापता हो गए थे। इसकी सूचना आश्रम के आचार्य प्रमोद दीक्षित ने पुलिस को दी थी। शुक्रवार की देर शाम को दोनों छात्र हरदोई जिले के शिरोमणि गांव में रामजी अवस्थी के यहां मिले थे। रामजी अवस्थी शोभित शुक्ला के मामा है। छात्रों से पूछताछ की गई तो पता चला शोभित स्कूल में पढ़ना नहीं जाता था,उसके मामा उसे जबरन पढ़ाने के लिए आश्रम में छोड़ गए थे।
वहीं संतराम स्कूल में पढ़ने आने के लिए राजी नहीं था। लेकिन उसने अपने पापा से कहा, अगर वह उन्हें एंड्रॉइड फोन देंगे तभी पढ़ने जाएगा। संतराम के पिता दाताराम ने उसे जाते समय तो मोबाइल दे दिया था, लेकिन स्कूल छोड़ने के एक दिन बाद फिर मोबाइल वापस मंगवा लिया था। जिस बात से लेकर संतराम और शोभित दोनों छात्र नाराज थे।
दोनों ने योजना बनाकर शुक्रवार की सुबह सात बजे भाग गए। देवकली से लखीमपुर फिर वहां बस द्वारा हरदोई पहुंच गए थे। आचार्य प्रमोद दीक्षित ने बताया कि शोभित शुक्ला पुत्र लालजी निवासी रमपुरवा थाना जिला हरदोई और संतराम पुत्र दाताराम निवासी पिपरिया बाईपास कोतवाली सदर को उनके घर भेज दिया गया है।