- तीन दिन से तड़के सुबह से हो रही बारिश, जनजीवन बेहाल
- शहर में डीएम आवास के बाहर गिरा पेड़, यात्री चोटिल
संवाद न्यूज एजेेंसी
लखीमपुर खीरी। पिछले तीन दिनों से जिले में सुबह तड़के से लगातार झमाझम बारिश हो रही है, इससे जहां सर्दी लौट आई है, वहीं फसलें तबाह हो गई हैं। पहले जहां बारिश से खेत में पड़े आलू और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा था तो वहीं अब खड़ी फसल भी चपेट में आ गई है। सरसों, गेहूं, मसूर की फसलें लगभग बर्बादी की कगार पर हैं। कृषि अधिकारियों का कहना है कि जिन किसानों का फसल बीमा था, उनको मुआवजा मिलेगा। उधर, किसान संगठनों ने सरकार से किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए तत्काल मुआवजे की मांग की है।
मंगलवार की सुबह बारिश से जहां ग्रामीण इलाकों में किसानों की फसलें तबाह हुईं तो वहीं शहर में भी अफरातफरी मची रही। दिन में ही छाए काले बादल से जहां अंधेरा जैसी स्थिति हो गई, वहीं डीएम आवास के सामने लगा एक वृक्ष भी सड़क पर गिर गया। पेड़ की चपेट में आकर उधर से गुजर रहे बटेसर निवासी मनीष और मनोज दो बाइक सवार जख्मी हो गए। वन विभाग और पुलिस की टीम ने पहुंचकर दोनों को अस्पताल भिजवाया। उधर, मौसम बिगड़ने से शहर का बाजार भी फीका रहा।
पलियाकलां। तेज हवाओं के साथ पलिया, संपूर्णानगर और मझगईं में किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। मटैहिया गांव निवासी रोशन की लाही की फसल खराब हो गई है, जबकि मझौरा गांव निवासी सुखदेव के खेत में लगी गेहूं की फसल में पानी भर गया है। बोझवा के बूंदी व बुझो आदि किसानों की गेहूं फसल को काफी नुकसान हुआ है।
गोला गोकर्णनाथ/ममरी। मंगलवार को नगर और क्षेत्र में आसमान से बादल आफत बनकर अन्नदाताओं के खेतों पर बरसे। शहर में मिल डायवर्जन, सिनेमा रोड, मेला मैदान, हमीद मार्केट आदि स्थानों व खेतों में जलभराव हो गया। वही तेज हवा से गेहूं और सरसों की फसल गिर गई। बरगदिया निवासी किसान राधेश्याम वर्मा का कहना है कि उनकी डेढ़ एकड़ सरसों खेत में तैयार खड़ी है। मौसम की खराबी बूंदाबांदी होने की वजह से उसकी कटाई नहीं हो पा रही है।परेली के किसान बाल गोविंद वर्मा का कहना है कि उनकी 23 बीघा सरसों कटने लायक खड़ी है। मौसम की बेरुखी के चलते उसकी कटाई नहीं हो पा रही है। ऐसे मौसम में यदि सरसों कटवा दी जाती है तो दाने भीग कर बर्बाद हो जाएंगे। हालांकि गेहूं फसल को कोई नुकसान नहीं है।
निघासन। गेहूं की फसल पानी और हवा से गिर गई है, जिससे उत्पादन कम हो गया है। उधर, लाही की फसल नष्ट हो गई है। किसान जसपाल सिंह ने बताया कि गन्ने की फसल की बुआई चल रही है। पानी बरसने के कारण गन्ने का जमाव नहीं होगा, जिससे करीब 30 हजार का नुकसान हुआ है।
बिजुआ। चैत्र के महीने में इतनी बारिश कभी नहीं हुई। गेहूं की फसल पकने को तैयार थी, पानी भर जाने से गिर गई है। दाउदपुर, जहानपुर, मालपुर, बेलवा, मलूकापुर, पड़रिया तुला, गुलरिया नौसर जोगी आदि गांवों में फसलों का बहुत नुकसान हुआ है।
बेहजम। तेज हवा के कारण सरसों, गेहूं, चना की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों का लाखों का नुकसान हुआ है। किसान सौरभ पांडे ने बताया कि सरसों की एक एकड़ फसल खड़ी थी जो कट नहीं पाई। एक एकड़ चना बोया था, जो फूल पर था। इस बारिश से पूर्ण रूप से बर्बाद हो गया।
सरसों की फसल को 25-30 फीसदी, गेहूं की फसल को 15-20 प्रतिशत नुकसान
लखीमपुर खीरी। जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने बताया कि जिले में बारिश से सरसों और गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। बताया कि जिले में पलिया क्षेत्र का दौरा किया था, जहां पर काफी संख्या में फसलों का नुकसान हुआ है।
गेहूं की फसल को करीब 15-20 प्रतिशत, जबकि सरसों की फसल को 25-30 प्रतिशत नुकसान पहुंचा है। किसानों की क्षति दिख रही है, जिन किसानों का फसल बीमा है, वह 72 घंटे के अंदर सूचना दे सकते हैं। इसके अलावा जिनका फसल बीमा नहीं है, उनका राजस्व और कृषि विभाग सर्वे करेगा और शासन के निर्देशानुसार उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा। कहा कि जिले में कितनी बारिश हुई है, इसके लिये तहसीलों से अभी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। संवाद
बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं, सरसों, आलू और धनिया को
बांकेगंज। कस्बा समेत क्षेत्र में सोमवार रात से मंगलवार दोपहर तक हुई मूसलाधार बारिश से रबी समेत शाक-भाजी की फसलों में भारी नुकसान हुआ। है। बारिश से गेहूं, सरसों, आलू, धनिया के दाने के साथ किसानों के सपने भी मिट्टी में मिल गए। इस बारिश से शाक-भाजी की फसल भिंडी, परवल, बैगन, पालक, टमाटर को भारी क्षति पहुंची है। स्थिति यह है कि छोटे किसान परिवारों में तो साल भर खाने का अनाज भी नहीं बच पाएगा।
अनाज खरीदना पड़ेगा
बांकेगंज कस्बा निवासी किसान अक्षत टंडन का कहना है कि गेहूं की फसल लगभग तैयार है। अगर बारिश न होती तो एक सप्ताह में फसल कटने लगती। अब पैदावार भी कम होगी। वहीं सरसों की फसल जो खेतों में पड़ी है वो भीग गई। परिवार पालने के लिए अब अनाज खरीदना पड़ेगा।
फसल हो चुकी बर्बाद, कैसे होगा परिवार का पालन
कस्बा निवासी नावेद खां ने बताया कि गेहूं की फसल अब पकने के कगार पर पहुंच रही थी। बेमौसम बारिश से फसल के नुकसान के साथ ही अब डर सता रहा है कि यदि फसल खराब हो गई तो अब बैंकों का कर्ज कैसे भरेंगे। पूरे परिवार का पालन कैसे करेंगे, जो स्थिति है उसे तो लागत भी नहीं निकल सकेगी।
प्रशासन फसल का कराए सर्वे
कस्बा निवासी कौशल किशोर मिश्रा का कहना है कि बारिश न होती तो एक सप्ताह में फसल कटने लगती। बारिश होने से फसल पकने को रह गई थी वे भी नहीं पकी। अगर प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली तो किसान दर-दर भटकने के लिए मजबूर होगा। सरकार किसानों की मदद करने के लिए फसल नुकसान का सर्वे कराए।
कैसे चुकाएंगे बैंक का कर्ज
कस्बा निवासी किसान ऐश्वर्य वर्धन का कहना है कि खेती के लिए बैंक से कर्ज लिया था। उसकी अदायगी भी करनी है। बेमौसम हुई बारिश से फसल चौपट हो चुकी है। ऐसे में परिवार की जीविका के लिए राशन क व्यवस्था भी करनी पड़ेगी। इसके अलावा बैंक का कर्ज चुकाना सबसे बड़ी चुनौती है।
बारिश ने किया बेहाल, नगर से लेकर खेत तक पानी ही पानी
मोहम्मदी। तेज बारिश से नगर के सीएचसी परिसर, पूर्वी लखपेड़ा, अशोक चौराहे के पास जलभराव हो गया, जिसमें राहगीरों को काफी दिक्कतें हुईं। वहीं, बारिश से फसलोें भी बरबाद हुईं। राजा पुर के किसान आलोक कुमार सिंह का कहना है कि गेहूं की फसल पककर तैयार होने वाली है। तेज हवा और बारिश से गेहूं की फसल खेतों में पलट गई, जिससे काफी नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भरा होने से लंबा नुकसान हुआ है। गेहूं की पैदावार मारी जाएगी, जबकि पसगवां में किसानों को फसल बचाने की चिंता सताने लगी है। संवाद
पेड़ के नीचे दबकर घायल हुआ मनीष
पेड़ के नीचे दबकर घायल हुआ मनीष
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पेड़ के नीचे दबकर घायल हुआ मनीष
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