लखीमपुर खीरी/बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व के द्वार 30 जून से सैलानियों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। यह जानकारी दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने दी है। हालांकि पिछले साल का पर्यटन सत्र 15 जून से 10 दिन बढ़ाकर 25 जून तक किया गया था। इस साल यह अवधि 15 दिन अधिक है।
दुधवा के द्वार बंद होने में अब मात्र 19 दिन शेष रह गए हैं। इसके बाद दुधवा के द्वार नवंबर में ही खोले जाएंगे। टाइगर रिजर्व का किशनपुर अभयारण्य और दुधवा बाघों की साइटिंग के मामले में पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां लगातार बाघों के दीदार सैलानियों को होते हैं। जंगल में कुलाचे भरते हिरन और झादीताल में कलरव करते रंग-बिरंगे प्रवासी परिंदों को देख सैलानी मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।
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दुधवा की रानी बोली जाने वाली बेलडंडा की बाघिन के अलावा दक्षिण सोनारीपुर रेंज का तंदुरुस्त बाघ गब्बर को देख पर्यटकों की बांछे खिल जाती हैं। वहीं जंगल में स्वछंद विचरण करते गैंडों और उनके बच्चों को चहलकदमी करते लोग गदगद हो जाते हैं।
डीटीआर के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनुराधा वेमुरी के निर्देश पर इस वर्ष दुधवा का पर्यटन सत्र 30 जून से बंद कर दिया जाएगा।