दुधवा कर्मियों की हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। इस कारण पर्यटन पूरी तरह ठप रहा। लखनऊ से आने के बाद उन्होंने बांह पर काली पट्टी बांधकर कर मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।
डीएम पर कार्रवाई की मांग को लेकर 27 जनवरी से जिप्सी चालकों, नेचर गाइड ने कार्य बहिष्कार कर दिया था और फिर कुछ दिन बाद इसमें फेडरेशन आफ फारेस्ट के बैनर तले दुधवा के कर्मी भी शामिल हो गए थे।
इसके बाद 16 फरवरी को उन्होंने अपने शस्त्र और 18 फरवरी को महावतों ने हाथी भी प्रबंधन के सुपुर्द कर दिए थे। शुक्रवार को लखनऊ में भूख हड़ताल और प्रदर्शन के बाद यहां पहुंचे कर्मियों ने शनिवार को काली पट्टी बांधकर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मियों ने डीडी को वापस बुलाने की मांग करते हुए जल्द ही कार्रवाई की भी मांग की। फेडरेशन की स्थानीय इकाई अध्यक्ष पतिराज सिंह ने कहा कि अब यह आंदोलन प्रदेश स्तर पर पहुंच गया है। लखनऊ में लिए गए निर्णय के तहत पूरे प्रदेश में वन कर्मी बांह पर काली पटटी बांध कर विरोध दर्ज कराएंगे और यह तब तक चलेगा जब तक कार्रवाई नहीं होती है। इस बीच पूरे प्रदेश में जगह जगह सभाएं और विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा और आठ मार्च तक कार्रवाई न होने पर लखनऊ में एक रैली और सभा होगी।
....जब पीपी सिंह पहुंचे कर्मियों को मनाने
डीडी से कंजर्वेटर हुए पीपी सिंह बारिश के दौरान ही कर्मियों के पास जा पहुुंचे और उनसे पार्क की सुरक्षा करने को कहा। इस पर कर्मी काफी भावुक हो उठे। फिलहाल कर्मियों ने पार्क सुरक्षा और हड़ताल खत्म करने से मना कर दिया। श्री सिंह ने कहा कि पार्क राष्ट्रीय संपत्ति है और उसकी सुरक्षा सभी का दायित्व है कर्मियों ने भी यह माना लेकिन कार्रवाई होने तक आंदोलन खत्म न करने की बात कही।