लखीमपुरखीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में स्वछंद विचरण करने वाले बाघों के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की गठित कमेटी ने वर्ष 2018 में किए गए आंकलन में डीटीआर को एक्सीलेंट (उम्दा) घोषित किया गया। एक साल पहले बाघों के रखरखाव में डीटीआर का जंगल सबसे अच्छा (गुड) की श्रेणी में शामिल था।
दुधवा टाइगर रिजर्व के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक/एफडी बी. प्रभाकर ने बताया कि शनिवार को अखिल भारतीय बाघ इस्टीमेशन के जारी परिणामों में दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल को एक्सीलेंट उम्दा की श्रेणी में शामिल किया गया है। वर्ष 2022 में रिटायर्ड वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी के नेतृत्व में एनटीसीए की गठित कमेटी ने दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में मेंटीनेंस इफेक्टिवनेस ईवैल्यूवेशन (एमईई) सर्वे किया गया था। इसमें बाघों के रखरखाव,प्राकृतवास, पेट्रोलिंग, सुरक्षा आदि समेत कई मानकों का आंकलन किया था।
एक साल बाद शनिवार को जारी किए गए परिणामों में बाघों के बेहतर रख-रखाव में दुधवा टाइगर रिजर्व को उम्दा घोषित किया गया है। बताया कि दुधवा में बाघों की देखभाल में वनाधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत रंग लाई है। इससे टाइगर रिजर्व में खुशी व्याप्त है।