बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व के दक्षिण सोनारीपुर रेंज सलूकापुर में कर्नाटक से आए आठ वर्षीय पालतू मादा हाथी तुंगा की लंबी बीमारी के चलते बुधवार सवेरे मौत हो गई। पार्क प्रशासन ने मृत हाथी का तीन पशु चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया।
दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक पीके पांडेय ने बताया कि दक्षिण सोनारीपुर बेस कैंप में राजकीय मादा हाथी तुंगा पिछले कई महीनों से लीवर की बीमारी से ग्रसित था। पार्क के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर उसका लगातार इलाज कर रहे थे। बुधवार सवेरे अचानक तुंगा हालत बिगड़ती चली गई। इसके बाद दस बजे करीब उसकी मौत हो गई। मादा हाथी तुंगा की मौत के बाद राष्ट्रीय ब्याघ संरक्षण प्राधिकरण के मानक के अनुरूप गठित तीन पशु चिकित्सकों के पैनल से कराया गया। इसमें पलिया के उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ इस्लामुद्दीन, वाइल्ड लाइफ एसओएस मथुरा डॉ राहुल और पार्क के डॉ दयाशंकर शामिल रहे। पोस्टमार्टम के बाद मृत हाथी का बिसरा सुरक्षित कर परीक्षण के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा गया। इसके बाद मादा हाथी के शव को दफन कर दिया गया। इस मौके पर बेलरायां एसडीओ प्रदीप कुमार वर्मा, रोहित रवी, डब्ल्यडब्ल्यूएफ अनिल नायर, प्रभारी रेंजर सुरेंद्र कुमार, महावत इरशाद अली आदि मौजूद रहे।
कर्नाटक से वर्ष 2018 में लाई गई थी तुंगा
पलियाकलां। कर्नाटक से वर्ष 2018 में कई हाथियों को दुधवा नेशनल पार्क लाया गया था। इन हाथियों में तीन बच्चे भी शामिल थे। बताया गया है कि तुंगा की तबियत काफी दिनों से खराब चल रही थी।