दुधवा कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि 15 फरवरी तक कार्रवाई नहीं हुई तो अगले दिन दुधवा के सभी कर्मी अपने शस्त्र जमा कर देंगे। उन्होंने इसके लिए प्रमुख सचिव वन, प्रमुख वन संरक्षक, प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) को पत्र भेजा है। शुक्रवार को भी दुधवा के कर्मियों का आंदोलन जारी रहा।
फेडरेशन ऑफ फारेस्ट एसोसिएशन ने भेजे गए पत्र में कहा है कि पूर्व में डीएम द्वारा दुधवा जंगल में अवैध प्रवेश, कर्मचारियों से अभद्रता, राजकीय कार्य में व्यवधान पैदा करने की वजह से पार्क कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया था। जिस पर शासन ने फौरन संज्ञान लेते हुए जांच अधिकारी भी नामित कर दिया। इसके पश्चात डीएम ने अपना प्रतिनिधिमंडल भेजकर संगठन के प्रांतीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में लिखित आश्वासन दिया था कि अब आगे प्रशासन दुधवा पार्क के कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं होगा और इसी आश्वासन के बाद कर्मचारी मान गए। उन्होंने इसके बाद अपना काम शुरू कर दिया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि 27 जनवरी को डीएम और उनके लोगों ने दुधवा पार्क की जिप्सियों को सीज करने के अलावा कर्मचारियों के साथ मारपीट और अभद्रता की। जिसके कारण फिर से पार्क कर्मी आंदोलन की राह पर उतर आए। इसको लेकर पूर्व में पत्र भेजकर एक सप्ताह में कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन वह अभी तक पूरी नहीं हो सकी। पत्र में फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि अगर 15 फरवरी तक कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो सभी पार्क कर्मी अपने राजकीय शस्त्र और अन्य सामग्री जमा कर पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार शुरू कर देंगे। कहा गया है कि इस दौरान यदि कोई अवैध कटान, शिकार अथवा कोई राजकीय क्षति (जैसे कैमरा ट्रैप चोरी होना) आदि होता है तो इसके लिए शासन-प्रशासन ही जिम्मेदार होगा। इधर, शुक्रवार को भी पार्क कर्मियों का आंदोलन जारी रहा।
19 फरवरी को वन मुख्यालय लखनऊ में करेंगे एक दिवसीय भूख हड़ताल
फेडरेशन ऑफ फारेस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने भी डीएम द्वारा दुधवा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध षड्यंत्र रचकर उत्पीड़न किए जाने के संबंध में एक पत्र प्रमुख वन संरक्षक को भेजकर कहा है कि 19 फरवरी को वन मुख्यालय लखनऊ पर सुबह दस से शाम पांच बजे तक एक दिवसीय भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन आदि निर्णय लिया गया है।
शस्त्र जमा हुए तो दुधवा की सुरक्षा रामभरोसे
कर्मियों ने शस्त्र जमा कर दिए तो दुधवा की सुरक्षा राम भरोसे हो जाएगी। दुधवा में पहले से ही अवैध कटान, शिकार का खतरा बना रहता है। अगर कर्मियों ने शस्त्र भी जमा कर दिए तो क्या हाल होगा समझना मुश्किल न होगा।