मानसून सत्र में शिकारियों की आशंका के चलते दुधवा, कर्तनियां घाट में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। दुधवा में हुई मानसून सत्र की समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए हैं इसमें शिकारियों से निपटने के लिए एसएसबी से भी सहयोग मांगा गया है। साथ ही एसएसबी के साथ मिलकर गश्त भी करने का फैसला किया गया है।
दुधवा में शनिवार को उत्तर खीरी, दक्षिण खीरी, शाहजहांपुर वन प्रभाग और दुधवा पार्क प्रशासन के अधिकारियों की एक बैठक हुई। इस दौरान मानसून सत्र की समीक्षा की गई। मानसून सत्र में शिकारियों का खतरा ज्यादा होने की आशंका के चलते सभी प्रभागों और दुधवा में हाई अलर्ट की घोषणा की गई। कहा गया कि सूचनाएं आ रहीं हैं कि मानसून सत्र में शिकारियों की नजर जंगल की ओर हो रही है। उनकी कोशिशों को बेकार कर दिया जाए और इसके लिए एक रणनीति बनी इसमें जंगल की सुरक्षा के लिए दुधवा समेत सभी प्रभागों में गश्त बढ़ाए जाने का फैसला किया गया। साथ ही भारत-नेपाल सीमा से सटे जंगली इलाकों को शिकारियों से महफूज रखने के लिए एसएसबी के साथ संयुक्त गश्त कराने का भी फैसला किया। उत्तर खीरी और दक्षिण खीरी में भी सुरक्षा और गश्त बढ़ाने का फैसला किया। कहा गया कि कोई भी व्यक्ति जंगल में अवैध रूप से दाखिल मिले तो उसे जेल भेजा जाए। इस दौरान दुधवा डायरेक्टर संजय सिंह, डीडी महावीर, वार्डेन एनके उपाध्याय, किशनपुर वार्डेन कल्पनाथ गौतम समेत सभी रेंज अफसर मौजूद रहे।
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चयनित होंगे संवेदनशील इलाके
बैठक में जंगल के संवेदनशील वह इलाके जिनमें शिकारियों की घुसपैठ का अधिक खतरा रहता हो उनको चिह्नित करने के निर्देश कर्मचारियों को दिए गए हैं।