बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी और दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला रेंज जंगल से निकलकर बाघ आबादी की तरफ रुख कर रहे हैं। एक महीने के अधिक समय से पांच बाघों ने ढ़ाका,सलेमपुर और बरौंछा नाला के बीच में बसेरा बनाया हुआ है। इस बीच बाघ पशुओं का पीछा करता हुआ गांव व कुकरा-बांकेगंज रोड तक भी आ जाता है।
मैलानी और गोला रेंज से सटे गांव ढाका, इंदिरा नगर, सलेमपुर, हरदुआ इलाके में पांच बाघ खेतों में डेरा डाले हैं। हाल ही में ढाका गांव से सटे खेतों में रामस्वरूप अपनी गाय चरा रहे थे,तभी बाघ ने उनकी पालतू गाय का शिकार किया था। खाद डालने गए गांव निवासी मोहम्मद जाबिर को गन्ने के खेत में बाघ बैठा दिखा, तो वह उल्टे पांव वहां से भाग निकला।
कुकरा-बांकेगंज रोड पर लोहिया पुल के पास आए दिन दो बाघ एक साथ राहगीरों को चहलकदमी करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, सलेमपुर बीट जंगल से निकलकर दो बाघ इंदिरा नगर गांव से सटे खेतों में चहलकदमी करते देखे जा रहे हैं। हरदुआ निवासी कमलेश कुमार के घर के पास एक बाघ करीब 20 मिनट तक खड़ा रहा। सूचना पर पहुंचे वन कर्मी बमुश्किल बाघ को वहां से खदेड़ पाए। राहगीरों ने शनिवार शाम लोहिया पुल के पास बाघ को देखा, तो वापस हो लिए।
जंगल से रास्ता भटकर आबादी के पास पहुंचने वाले बाघ की लगातार निगरानी कराई जा रही है। ग्रामीणों और राहगीरों को सतर्कता बरतनी चाहिए। दुबारा बाघ दिखाई पड़ने पर इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
- संजय बिस्वाल, डीएफओ, दक्षिण खीरी वन प्रभाग